भारत में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए स्टेरॉयड ड्रग डेक्सामेथासोन को मिली मंजूरी।
TRENDING
  • 9:56 PM » क्रिकेट पर 10 लाइन निबंध : 10 lines on cricket in hindi.
  • 4:10 PM » सेब का जूस बनाने की विधि : Apple juice recipe in hindi.
  • 10:33 PM » तरबूज का जूस बनाने की रेसिपी – Watermelon juice recipe in hindi.
  • 11:33 PM » NDMA ने बताए गर्मियों में लू से बचने के उपाय – Tips to avoid heat stroke in summer in hindi.
  • 9:09 PM » भगत सिंह पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on bhagat singh in hindi.

देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच एक और बड़ी राहत वाली खबर सामने आ रही है। भारत सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कम कीमत वाले सस्ते स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन (Dexamethasone) को उपचार के लिए मंजूरी दे दी है। स्वाथ्य मंत्रायल ने स्टेरॉयड ड्रग डेक्सामेथासोन का प्रयोग केवल मॉडरेट और गंभीर लक्षणों वाले कोरोना के मरीजों पर मिथाइलप्रेड्निसोलोन (Methylprednisolone) के विकल्‍प के तौर पर करने को मंजूरी प्रदान करी है। इससे पहले ब्रिटेन में हुए एक क्लिनिकल ट्रायल में स्टेरॉयड ड्रग डेक्सामेथासोन को ‘लाइफ़ सेविंग’ की संज्ञा दी गयी थी, जिसके बाद WHO ने इसकी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए ‘लाइफ़ सेविंग’ ड्रग डेक्सामेथासोन के उत्पादन में तेजी लाने को कहा था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए क्‍लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल में संशोधन किया है।

डेक्सामेथासोन एक प्रकार का स्टेरॉयड है जो रोगप्रतिरोध तथा सूजन से संबंधित समस्याओं के इलाज में प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग वर्ष 1960 से हो रहा है। कई मामलों में इसका प्रयोग कैंसर जैसी घातक बीमारी के इलाज में भी किया जाता है। इस दवा को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आवश्‍यक दवाओं की सूची में वर्ष 1977 से सूचीबद्ध किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सस्ती होने के साथ-साथ आसानी से मिल जाने वाली दवाओं में से एक है।

आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च
ब्रिटेन की आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च में 2,104 कोरोना संक्रमित मरीजों पर इस दवा का रिसर्च किया गया। जिसकी तुलना 4,321 दूसरे ऐसे कोरोना संक्रमितों मरीजों से करी, जिनका सामान्य रूप से इलाज किया जा रहा था। इस रिसर्च के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि डेक्सामेथासोन (Dexamethasone) दवा के प्रयोग से ऐसे कोरोना संक्रमित मरीज जिनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आक्सीजन सपोर्ट और वेंटीलेटर पर रखा गया था, उनकी मृत्यु दर में 35 फीसदी तक की कमी आयी। शोध में यह बात समाने आयी थी कि इस दवा के इस्तेमाल से मरीजों पर मौत का खतरा एक तिहाई कम हो गया था।

भारत में लगातार बढ़ रहा कोरोना संक्रमण
भारत में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। रोजाना 17 हजार के 18 हजार बीच नए मामले अब सामने आने लगे हैं। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 5,29,274 तक पहुंच गयी है। वहीं वायरस के चलते अब तक 16,102 लोगों की मौत भी हो चुकी है। अब तक 3,10,068 लोग पूरी तरह से स्वस्थ्य हो चुके हैं। भारत में महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु से सर्वाधिक कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमितों के मामले में भारत विश्व में चौथे नंबर पर बना हुआ है।

अब तक ये देश कर चुके हैं कोरोना वायरस की दवा बनाने का दावा 

अमेरिका में उम्मीद की किरण बनी रेमडेसिवीर (Remdesivir) दवा इलाज के लिए मिली मंजूरी।

जल्द खत्म हो सकता है कोरोना, इजरायल के बाद इटली ने किया कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने का दावा।

इजरायल का दावा! बन गयी कोरोना वैक्‍सीन जल्द ही खत्म होगा कोरोना वायरस।

ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए लाइफलाइन है डेक्सामेथासोन दवा।

कैसे कोरोना संक्रमितों मरीजों के लिए लाइफलाइन बन रही है डेक्सामेथासोन दवा? जानिए इसके बारे में सबकुछ।

भारत में बनी ग्लेनमार्क की फेविपिरविर दवा फैबिफ्लू को DGCI ने दी कोविड-19 के उपचार के लिए मंजूरी।

देश में पिछले 2 दिन के अंदर तीन कंपनियों को मिली कोरोना दवा निर्माण के लिए DCGI की मंजूरी।

पतंजलि ने बनाई कोरोना वायरस की दवा ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’, जाने इसके बारे में सब कुछ।

बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोनिल, जानें कहाँ से खरीद सकते हैं आप और क्या है इसकी कीमत ?

ऐसी महत्पूर्ण खबरों को अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ शेयर करना ना भूलें। 

ऐसी महत्पूर्ण खबरों के लिए आज ही हमसे जुड़े :- 

Instagram
Facebook
Twitter
Pinterest

RELATED ARTICLES
LEAVE A COMMENT