कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन के लिए जारी हुई नई संसोधित गाइडलाइन।
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कोरोना संक्रमण का प्रकोप देश में इस समय अपने चरम पर है। तेजी से फैलता संक्रमण देश में कई लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। देश की स्वास्थ्य सेवाओं पर अचानक से अतिरिक्त दवाब पड़ने के कारण कई राज्यों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगी हैं। देश के कई अस्पताल इस समय ऑक्सिजन और बेड की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में अधिकतर हल्के और बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर गाइडलाइन जारी की जाती है जिसका पालन सभी संक्रमित व्यक्तियों को कड़ाई के साथ जरूर करना चाहिए। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोरोना संक्रमितों मरीजों के लिए होम आइसोलेशन से संबंधित संशोधित गाइडलाइंस जारी की गई है। जिसके अनुसार हल्के और बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गयी।

कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन
courtesy google

कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए जारी हुई होम आइसोलेशन की संसोधित गाइडलाइन –

ट्रिपल लेयर मास्क पहनना जरूरी –

संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार कोरोना संक्रमित मरीज की होम आइसोलेशन के दौरान सम्पूर्ण देखभाल जरूरी होगी। साथ ही संक्रमित व्यक्ति के परिवार वालों को इस दौरान लगातार अस्पताल या डॉक्टर के सम्पर्क में रहना होगा। गाइडलाइंस के अनुसार कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रहने के दौरान ऐसे कमरे में रहना होगा जहाँ क्रॉस वेंटिलेशन की व्यवस्था हो। यानी की कमरे की हर खिड़की अवश्य खुली होनी चाहिए। साथ ही इस गाइडलाइन के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति को हमेशा ट्रिपल लेयर मास्क पहनना चाहिए जिसे हर आठ घंटे में अनिवार्य रूप से बदला जाना चाहिए।

किन लोगों को होम आइसोलेशन के लिए लेनी होगी अनुमति –

स्वास्थ्य मंत्रालय की संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार ऐसे मरीज जो HIV, ट्रांसप्लांट और कैंसर जैसी समस्या से ग्रसित हों उन्हें होम आइसोलेशन में रहने के लिए पहले डॉक्टरों की अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा वे लोग जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो और किसी बीमारी से ग्रसित हों उन्हें भी होम आइसोलेशन में रहने के लिए डॉक्टर से परमीशन लेना अनिवार्य होगा। साथ ही परिवार का जो सदस्य संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करेगा उसे डॉक्टर की सलाह अनुसार प्रोटोकॉल के हिसाब से HCQ लेना पड़ेगा।

कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन के दौरान तरल पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करना होगा –

होम आइसोलेशन में रहने वाले सभी संक्रमित व्यक्तियों को भोजन में सुपाच्य और तरल पदार्थ वाला भोजन करना चाहिए। इसके अलावा व्यक्ति को घर पर पर्याप्त मात्रा में आराम करने की सलाह दी गयी है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों से उचित दूरी बनाये रखने की सलाह दी गयी है।

शरीर में ऑक्सीजन लेवल की कमी होने पर नजर आते हैं ये लक्षण।

मरीज की देखभाल करने वालों को पहनना होगा N95 मास्क –

जारी हुई नई गाइडलाइन के अनुसार होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को संक्रमित व्यक्ति के कमरे में प्रवेश करने से पहले N95 मास्क अनिवार्य रूप से पहनना होगा। इसके अलावा 1 फीसदी सोडियम हाइपोक्लोराइट के साथ मास्क को धोकर फेंकना होगा। साथ ही संक्रमित व्यक्ति का ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल को मॉनिटर करते रहना होगा। इसके लिए गाइडलाइन में ऑक्सीमीटर का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही मरीज का प्रतिदिन प्रत्येक चार घंटे पर तापमान लेना अनिवार्य होगा।

कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन के दौरान घर पर घूमने में होगी पाबंदी –

जारी हुई न्यू संशोधित गाइडलाइन के अनुसार होम आइसोलशेन में रहने वाले मरीजों को सिर्फ अपने कमरे में रहना होगा। उन्हें घर के अन्य कमरों में घूमने की मनाही होगी। साथ ही संक्रमित व्यक्ति को परिवार के अन्य सदस्यों से उचित दूरी बनाये रखना जरूरी होगा। संक्रमित व्यक्ति को खांसते, छींकते वक्त विशेष ध्यान रखना होगा साथ ही सरकार द्वारा बताई गयी गाइलाइनस का पालन करना होगा। मरीज को दिन में दो बार गुनगुने पानी से गरारे और भाप लेना जरूरी होगा। होम आइसोलेशन का समय 10 दिन होगा।

कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन के दौरान इन दवाइयों का करना चाहिए प्रयोग –

संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्ति को यदि तेज बुखार आ जाये तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार चार दिन तक पेरासिटामोल 650mg या फिर नेपरोक्सन 250mg लेनी होगी। तीन से पांच दिन तक खाली पेट आइवरमेक्टिन 200mg ली जा सकती है। बुखार तेज होने पर पांच दिन के बाद बुडेसोनाइड इन्हेलर का भी उपयोग करना चाहिए। बावजूद इसके हालात में सुधार नहीं हो तो अस्पताल जाना चाहिए।

कोरोना संक्रमित होने के बावजूद कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर इन बातों का रखें ध्यान।

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