टीबी की बीमारी में क्या खाना चाहिये और क्या नहीं? : Tb Me Kya Khana Chahiye.
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Tb me kya khana chahiye…टीबी यानि ट्यूबरक्लोसिस एक गंभीर और संक्रामक रोग है। यह फेफड़ों में होने वाला एक संक्रामक रोग है। हालाँकि यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, सही समय पर इसका इलाज करवाने पर रोगी व्यक्ति ठीक होने लगता है। इस बीमारी के दौरान डॉक्टर के द्वारा बताई गयी दवाइयों का कम्प्लीट कोर्स करना बहुत जरूरी होता है। इसके अलावा टीवी की बीमारी में व्यक्ति को अपनी डाइट का भी खासा ध्यान देना पड़ता है। सही डाइट मिलने से व्यक्ति तेजी से रिकवरी करने लगता है। अक्सर लोग टीबी हो जाने पर इससे जुड़े कुछ सवालों के जवाब जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। जिनमें से कुछ प्रमुख सवाल, टीबी क्या है? (What is Tuberculosis in Hindi), टीबी की बीमारी के लक्षण क्या हैं? (Tuberculosis Disease (TB) Symptoms in Hindi), टीबी कितने प्रकार का होता है? (Types of tuberculosis in hindi), टीबी की बीमारी में क्या खाएं (Food for TB patient in hindi), टीबी की बीमारी में क्या न खाएं? (Foods to Avoid in Tuberculosis (TB) in Hindi)। आईये जानते हैं टीबी यानि ट्यूबरक्लोसिस (tuberculosis in hindi) से जुडी सवालों के जवाब।

टीबी की बीमारी में
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टीबी क्या है? (TB) tuberculosis kya hai) – What is Tuberculosis in Hindi

टीबी यानि ट्यूबरक्लोसिस एक गंभीर और संक्रामक रोग है। यह फेफड़ों में होने वाला एक संक्रामक रोग है लेकिन कई बार यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी पहुंच जाता है। इसे क्षय रोग के नाम से भी जाना जाता है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस के द्वारा फैलता है। यह बैक्टीरिया धीमी रफ्तार से बढ़ने वाला होता है जो फेफड़ों को सबसे अधिक प्रभावित करता है। यह संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से भी फैलता है।

टीबी की बीमारी के लक्षण क्या हैं? (TB bimari ke lakshan) – (TB) Disease Tuberculosis Symptoms in Hindi

  • लगातार कई दिनों से खांसी होना
  • खाँसी के साथ कभी-कभी बलगम में खून निकल आना
  • वीकनेस
  • साँस लेने के दौरान छाती में दर्द महसूस होना
  • भूख न लगना
  • वजन गिरना
  • बुखार
  • मांसपेशियों में दर्द

टाइफाइड में क्या खाएं (Typhoid me kya khana chahiye) – What to eat in typhoid in hindi.

टीबी कितने प्रकार का होता है? (TB kitne prakar ki hoti hai) – Types of tuberculosis in hindi

  • लेटेंट टीबी (Latent TB in hindi)
  • एक्टिव टीबी (Active TB in hindi)
  • पल्मोनरी टीबी (Pulmonary TB in hindi)
  • एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी (Extra Pulmonary TB in hindi)

टीबी की बीमारी में क्या खाएं? (Tb ki bimari me kya khana chahiye) – Diet for TB patient in hindi

  • टीबी की बीमारी के दौरान हल्का, पौष्टिक और सुपाच्य खाना ग्रहण करें।
  • ताज़ी और हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
  • रोजाना ताजे फलों का सेवन करें।
  • लहसुन, अदरक, करेला, खीरा, मटर, पालक, घि‍या, टमाटर, आलू, फूल गोभी आदि को अपनी डाइट में शामिल करें।
  • शरीफा और बेरी का का सेवन करें।
  • साबुत अनाज का सेवन करें।
  • रिकवरी के दौरान दाल, नट्स, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइट में जगह दें।
  • रिकवरी के दौरान अंडा, मछली, मीट, चिकन का शामिल हैं।
  • ग्रीन टी का सेवन करें।

पीलिया में क्या खाएं (Jaundice me kya khana chahiye) – What to eat in jaundice in hindi.

टीबी की बीमारी में डाइट कैसी होनी चाहिए (Tb me kya khana chahiye) – Diet for TB patient in hindi

  • बीमारी के दौरान पौष्टिक और पोषक तत्वों से भरपूर सुपाच्य खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • बीमारी के दौरान मल्टीविटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर ताजे फलों और सब्जियों को दें डाइट में जगह।
  • एंटीऑक्सीडेंट और इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को दें डाइट में जगह।
  • एनर्जी देने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • रिकवरी के दौरान उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को दें डाइट में जगह।
  • बीमारी के दौरान और बीमारी के बाद पोषक तत्वों से भरपूर डाइट ही लें।

टीबी की बीमारी में क्या नहीं खाना चाहिए (TB ki bimari me kya nahi khana chahiye) – Foods to Avoid in Tuberculosis in Hindi

  • जंक फ़ूड और फ़ास्ट फ़ूड का सेवन न करें।
  • बाहर का खाना न खाएं।
  • तला-भुना, डीप फ़्राईड भोजन न लें।
  • मिर्च-मसालेदार भोजन न करें।
  • अल्होकल का सेवन न करें।
  • धूम्रपान, गुटखा, तम्बाकू से दूरी बनाएं।
  • अधिक मात्रा में कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
  • सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।
  • रिफाइंड का सेवन करने से बचें।

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