रात के डिनर में क्या नहीं खाना चाहिए आइए जानते हैं आयुर्वेद के अनुसार।
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आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ्य रहना है तो हमे अपने खान पान और उसके तौर तरीकों पर ध्यान देना जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ्य जीवन प्रणाली अपनाने के लिए जरूरी है पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन और उनको खाने का सही समय। अक्सर ऐसा होता है कि हम में से अधिकतर लोग पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन तो कर लेते हैं। लेकिन इस बात कि हमे जानकारी नहीं होती कि इन्हें खाने का सबसे उपयुक्त समय क्या रहेगा। बात आयुर्वेद की करें तो यहाँ कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनको रात के समय नहीं खाना चाहिए, रात के डिनर में इनका सेवन सेहत पर विपरीत असर डाल सकता है। आज हम ऐसे ही कुछ खाद्य पदार्थों के ऊपर चर्चा करेंगे जिन्हें आयुर्वेद के अनुसार रात के समय नहीं खाना चाहिए…

आयुर्वेद के अनुसार रात के समय इन खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए – Foods to avoid before bed according to ayurveda

दही –

दही का सेवन करना कई लोगों को बेहद पसंद होता है फिर चाहे दिन हो या रात इस बात की परवाह किये बिना, वो खाने के साथ दही का सेवन जरूर करते हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि दही का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है और यह पाचन संबंधी कुछ समस्याओं को दूर करने के साथ, पाचन तंत्र को मजबूत करने का कार्य भी करता है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार रात के समय भोजन के साथ दही खाना आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल सकता है। दही की तासीर ठंडी होने के कारण रात्रि के समय इसका सेवन कफ आदि की समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए बेहतर यही होगा की रात्रि में डिनर के समय दही की बजाय छाछ का सेवन करें। यह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

दूध –

ये तो हम सभी जानते हैं की दूध पीना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत फायदेमंद होता है। दूध में मौजूद कैल्शियम हमारी हड्डियों के विकास के लिए जरूरी होता है। चाहें बच्चें हो या बूढ़े हर उम्र के व्यक्ति को नियमित रूप से दूध का सेवन जरूर करना चाहिए। लेकिन अगर आप दूध से भरपूर स्वास्थ्य लाभ लेना चाहते हैं तो इसे रात में डिनर की बजाए सुबह के समय नाश्ते या दिन में अन्य किसी समय पर लें। ऐसा इसलिए क्योंकि दूध पचने में अधिक समय लेता है यदि रात्रि में सोने से पहले लिया जाए तो यह अपच और एसिडिटी का कारण बन सकता है। इसके अलावा आयुर्वेद के अनुसार बहुत अधिक गर्म दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।

मसाले –

दिन हो या रात आयुर्वेद के अनुसार भोजन हमेशा कम तला-भुना और कम मसालों वाला करना चाहिए। अत्यधिक तला भुना और मसालेदार भोजन पेट में एसिडिटी, कब्ज और सीने में जलन का कारण बनता है। खासकर रात के समय खाना खाते हुए इस प्रकार का गरिष्ठ भोजन आसानी से नहीं पचता है और कब्ज, एसिडिटी की समस्या पैदा करता है।इसके अलावा यह वजन भी बढ़ाता है, इसलिए रात्रि डिनर में हल्का और कम मसालेदार सुपाच्य भोजन ग्रहण करें।

रात में कैसा भोजन करना चाहिए –

रात्रि में हमेशा ऐसा भोजन करना चाहिए जो ज्यादा तला-भुना न हो, साथ ही कम मसालेदार हो। रात में कभी भी गरिष्ठ भोजन नहीं लेना चाहिए ऐसा करने से आपको कब्ज, एसिडिटी की समस्या तो होती ही है साथ ही मोटापा भी तेजी से बढ़ता है। आयुर्वेद के अनुसार रात को हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। इसके अलावा डिनर सोने से कम से कम 4 घंटे पहले लेना चाहिए। खाने के साथ खाने के बाद और खाने के तुरंत पहले पानी नहीं पीना चाहिए। कम से कम 30 मिनट का गैप जरूर होना चाहिए। ये सब आदतें अपनाएंगे तो शरीर को बीमारियों का घर बनने से रोक पाएंगे। बेहतर होगा अगर आप रात के समय प्रोटीन से युक्त भोजन ही करें, जैसे कि दाल, हरी सब्जियां आदि। इन खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आपका पाचन तंत्र काफी हल्का और स्वस्थ रहता है।

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