सर्वाइकल कैंसर के लक्षण बहुत ही सामान्य होते हैं जैसे- पीरियड्स में ज्यादा खून
TRENDING
  • 6:36 PM » Karwa chauth puja vidhi : जानिए करवा चौथ पूजा विधि के बारे में।
  • 7:57 PM » Platelets badhane wale fruits : प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले फ्रूट्स।
  • 10:21 PM » Fridge ki safai karne ka tarika : फ्रिज की सफाई करने के आसान घरेलू टिप्स।
  • 3:21 PM » Sardiyo me skin care in hindi : सर्दियों में स्किन केयर टिप्स।
  • 6:11 PM » Curd face pack in hindi : त्वचा पर दही फेस पैक का प्रयोग करने का तरीका (Dahi face pack in hindi)

कब हो सकता है सर्वाइकल कैंसर –

हमारे देश में महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर के बाद सबसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर का शिकार होती हैं। महिलाओं में गर्भाशय के निचले हिस्से में (गर्भाशय और योनि को जोड़ने वाला हिस्सा) सर्विक्स होता है और इसी सर्विक्स में होने वाले कैंसर को सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। ज्यादातर यह समस्या 35-40 साल की उम्र के बाद देखी जाती है जब महिलाओं को पीरियड्स सही समय पर नहीं होते हैं या ब्लीडिंग ज्यादा होती है, परन्तु वो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। जबकि ये सर्वाइकल कैंसर का खतरा हो सकता है। ये एक खतरनाक कैंसर है क्योंकि यह सर्वाइकल से फैलते हुए ये लिवर, ब्लैडर, योनि, फेफड़ों और किडनी तक पहुंच जाता है। हालांकि ये बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण बहुत ही सामान्य होते हैं, जैसे- पीरियड्स में ज्यादा खून, यौन संबंध के बाद खून निकलना, पीरियड्स में अनियमितता, थकान और कमजोरी आदि। अगर स्थिति सामान्य हो तो दवाएं लेने के बाद 3-4 दिनों में ऐसी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। फिर भी अगर दो सप्ताह तक स्थिति में कोई बदलाव न आए तो बिना देर किए स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बहुत ज़रूरी है।

read more- माइग्रेन को ठीक करने के घरेलू नुस्‍खे बिना साइड इफ़ेक्ट के कर सकते हैं

क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर-

एक अनुमान के अनुसार लगभग 98 % मामलों में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वायरस के फैलने से सर्विक्स कैंसर होता है। इसकी एक प्रमुख वजह है आनुवंशिकता। अभी तक के रिसर्च के आंकड़े बताते हैं की फैमिली हिस्ट्री होने पर स्त्रियों में सर्विक्स कैंसर की आशंका दोगुनी हो जाती है। गर्भाशय में चोट लगने से भी ऐसी समस्या हो सकती है। इसके साथ ही सिगरेट में मौज़ूद निकोटिन को भी इसके लिए जि़म्मेदार ठहराया जाता है इसलिए सिगरेट पीने वाली महिलाओं में ये समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसके अन्य कारण कुपोषण और पर्सनल हाइजीन की कमी भी हो सकती है। यह एसटीडी यानी सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिज़ीज़ है, इसलिए कम उम्र में या असुरक्षित यौन सबंध और एक से ज्यादा लोगों के साथ संबंध होने को इसका प्रमुख कारण माना जाता है।

कैसे करें सर्वाइकल कैंसर की जांच-

ज्यादातर मामलों में शुरुआती चरण में ही इसका पता लग जाता है, पैप स्मीयर टेस्ट के द्वारा भी इसके बारे में पता लगाया जा सकता है। ये जांच हर शहर में आसानी से उपलब्ध है। इसके जरिए कैंसर शुरू होने से पहले की स्टेज को आसानी से पहचाना जा सकता है। जागरूकता के अभाव में ज़्यादातर स्त्रियां यह जांच नहीं करवाती और सर्विक्स कैंसर की शिकार हो जाती हैं। अगर शुरुआती चरण में ही उपचार शुरू किया जाए तो इसे आसानी से दूर किया जा सकता है।

सवस्थ और सुंदर नेल्स बनाने के आसान टिप्स

अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आयी तो कृपया अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों के साथ शेयर जरूर करें. 

ऐसी महत्पूर्ण जानकारियों के लिए आज ही हमसे जुड़े :- 

Instagram
Facebook
Twitter
Pinterest

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
RELATED ARTICLES
LEAVE A COMMENT