इस गावं में है रावण का मंदिर! दशहरा में रावण दहन नहीं, होती है रावण पूजा।
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दशहरा स्पेशल…जहाँ एक और पूरे देश में आज दशहरा के पर्व पर रावण दहन कर असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है वहीं मंडला जिले में रावण की पूजा की जाती है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के मंडला जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सागर पंचायत के डुंगरिया गावं के लोग रावण कि पूजा करते हैं। शायद ही बेहद कम लोग जानते होंगे कि यहाँ पर रावण का मंदिर (Ravan Temple) भी है।

रावण का यह मंदिर अभी मात्र घास फुस की मदद से ही तैयार किया गया है लेकिन यहाँ के लोग इसी जगह पर रावण का भव्य मंदिर बनाने की भी इच्छा रखते हैं, इसी कारण विजयदशमी यानि की दशहरा के पावन पर्व पर यहाँ के लोग रावण का पुतला जलाने की जगह शोकाकुल रहते हैं।

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मध्य प्रदेश के मंडला जिले के वन्य ग्राम डुंगरिया के लोगो का मानना है कि रावण एक महाविद्वान, महासंत, वेद शास्त्रों का ज्ञाता, महापराक्रमी और गोंडवाना भू-भाग गोंडवाना साम्राज्य के महासम्राट थे, ये राम-रावण युद्ध को आर्यन और द्रविण का युद्ध मानते हैं और रावण को अपने पूवर्ज के रूप में मानते हैं।

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जानें रावण मंदिर (Ravan Temple) के बारे में –

रावण का यह मंदिर अभी मिट्टी,बांस की लकड़ी, घास फूस से तैयार किया गया है और यहाँ पर रावण की कोई मूर्ति नहीं है इसकी जगह यहाँ के लोग रावण की फोटो लगा कर उसी की पूजा अर्चना करते हैं। यहाँ के स्थानीय निवासियों के अनुसार रावण उनके पूर्वज थे। यहाँ के लोगों के अनुसार रावण गोंडी धर्म को मानाने वाले थे और गुफाओं में प्रकट हुए थे, वो यहाँ के मूल निवासी थे और कोयावंसी थे। यही कारण है कि जब पूरे में देश में दशहरा का पर्व धूम धाम और हर्षोउल्लास के रावण का दहन कर मनाया जाता है उस समय यहाँ के लोग रावण की विधि विधान से पूजा करते हैं।

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