टिड्डी दल से फसलों का बचाव करने में सक्षम हैं ये कारगर तरीके, आज ही अपनाएं।
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कोरोना संक्रमण के बीच देश में आजकल टिड्डी दल का आतंक फैला हुआ है। ये भी आशंका जताई जा रही हैं कि जिस देश के जिस क्षेत्र में टिड्डी दल हमला करेगा वहां कि सभी फसलें चौपट हो जाएँगी। टिड्डी दल के द्वारा महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में रेगिस्तानी क्षेत्रों में फसलों के भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कृषि मंत्रालय टिड्डी दल की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। बता दें कि टिड्डी दल के आतंक के चलते कई राज्यों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इससे पहले टिड्डी दल आपकी फसलों को सफाचट्ट कर जाये, समय रहते आपको टिड्डी दल से बचाव के कुछ तरीकों को अपना लेना चाहिए। आईये जानते हैं टिड्डी दल से बचाव के लिए कौन कौन से तरीके अपनाये जा सकते हैं।

टिड्डी दल से बचाव

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टिड्डियों के बारे में जाने कुछ बातें – Know some things about locusts

टिड्डी क्या है –

टिड्डी हेमिप्टेरा गण के सिकेडा प्रजाति का कीट है जिसे हार्वेस्ट लोकस्ट कहा जाता है। मूल रूप से यह अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, ईस्ट इंडीज, न्यूजीलैंड में पाई जाती हैं। इनकी कई प्रजातियाँ होती हैं जिनमे से एक रेगिस्तानी टिड्डी छोटे सींग वाली होती है। आमतौर पर यह शांत स्वभाव की होती हैं लेकिन झुंड में इनका रूप शांत से बदल कर अग्रेसिव हो जाता है। टिड्डी दल का यह झुंड अपने रास्ते में आने वाली फसलों को कुछ ही घंटों में सफाचट्ट करने की क्षमता रखता है।

टिड्डी का जीवनकाल और भोजन –

टिड्डी का जीवनकाल बेहद छोटा सा मात्र 3 से 6 माह का होता है। अपने जीवनकाल में एक टिड्डी 20 से 200 टिड्डियों को जन्म देने की क्षमता रखती है। जहँ शिशु टिड्डी पेड़ पोंधो के कोमल पत्ते खा कर अपना काम चलाती है, वहीं वयस्क टिड्डी पूरी की पूरी फसल को चौपट कर देती है। टिड्डी दल पेड़ की छाल, फूल, फल, पत्ते और सम्पूर्ण फसल को खा जाता है। यह एक दिन में उड़कर 150 किलोमीटर से अधिक का लम्बा सफर तय कर सकती हैं। एक टिड्डी अपने वजन के बराबर का अन्न खा सकती है।

कृषि विभाग रख रहा है टिड्डी दल पर पैनी नजर –

देश में टिड्डी दल के प्रकोप से बचने के लिए कृषि विभाग टिड्डी दल पर लगातार पैनी नजर रखे हुए है। कृषि विभाग द्वारा टिड्डी दल के खतरों को देखते हुए राज्यों को लगातार जरूरी दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके अलावा जिन राज्यों में टिड्डी दल पहुंच रहा है, राज्य द्वारा इसकी सूचना लोकस्ट टीम तक पहुंचाई जा रही है। तांकि टीम सुबह वहाँ पूछ कर टिड्डी दल के ऊपर स्प्रे कर सके। इसके अलावा टिड्डी दल से बचाव के लिए कृषि विभाग ड्रोन से स्प्रे करने की सुविधा भी उपलब्ध करवा रहा है।

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टिड्डी दल से बचाव के तरीके – How to protect crops from locust

पारंपरिक तरीका –

* किसान टोली बनाकर तेज आवाज मचाकर, बैंड, लाउड स्पीकर, ढोल, नगाड़े, तेज धवनि में म्यूजिक, थाली, खाली कनस्तर को बजाकर टिड्डी दल को भगाया जा सकता है।

टिड्डी दल से बचाव के रासायनिक उपाय –

* टिड्डी दल को मारने का सबसे कारगर तरीका है इनके दिए हुए अण्डों पर कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव करना।
* 100 किलोग्राम भूसी को 5 किलोग्राम फेनीट्रोथीयोन और 5 किलोग्राम गुड़ के साथ मिलाकर खेत में डालें।
* 5 प्रतिशत मेलाथीयोन या 1.5 प्रतिशत क्विनाल्फोस का टिड्डी दल पर छिड़काव करें।
* डाईफ्लूबिनज्युरान 25 डब्ल्यू.टी. 240 ग्राम प्रति हेक्टेयर 600 लीटर पानी में मिलाकर ट्रैक्टर चलित स्प्रे – पंप (पाँवर स्प्रेयर) द्वारा छिडकाव करें |
* 500 ग्राम NSKE या 40 मिली नीम के तेल को 10 ग्राम कपड़े धोने के पाउडर के साथ, या फिर 20-40 मिली नीम से तैयार कीटनाशक को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से टिड्डे फसलों को नहीं खा पाते।
* टिड्डी डल पर 5 प्रतिशत मेलाथीयोन या 1.5 प्रतिशत क्विनाल्फोस का छिड़काव करें।

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