संजय दत्त को हुआ लंग कैंसर, जानिए क्यों होता है ये साथ ही क्या हैं इसके लक्षण ?
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हाल ही में बॉलीवुड स्टार संजय दत्त को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया था। जहाँ जाँच के बाद संजय दत्त लंग कैंसर स्टेज -3 से पीड़ित पाए गए। कैंसर स्टेज -3 को एडवांस स्टेज माना जाता है जिसका मतलब होता है बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी है। बॉलीवुड स्टार संजय दत्त ने खुद के लंग कैंसर स्टेज -3 से ग्रसित होने की जानकरी सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर करी। इस बाबत उन्होंने अपने फैंस से कहा मेड‍िकल ट्रीटमेंट की वजह से वह एक ब्रेक ले रहे हैं। आईये जानते हैं क्या होता है लंग कैंसर और क्या हैं इसके लक्षण?

क्या होता है लंग कैंसर – What is lung cancer

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं। जब कैंसर फेफड़ों में फैलाना शुरू होता है, तो इसे फेफड़ों का कैंसर कहा जाता है। यह फेफड़ों में शुरू होता है और शरीर में लिम्फ नोड्स या अन्य अंगों में फैल सकता है। यह कैंसर का वह प्रकार जो फेफड़ों में होना शुरू होता है। इसका खतरा सबसे अधिक धूम्रपान करने वाले लोगों में होता है। फेफड़ों के कैंसर के मुख्यतः दो प्रकार स्मॉल सेल कैंसर और नॉन स्मॉल सेल कैंसर होते हैं। फेफड़ों के कैंसर के कारणों में धूम्रपान, सेकंड-हैंड स्मोक, शरीर में बनने वाले कुछ टोक्सिन और पारिवारिक इतिहास के कारण भी संभव है। इसके लक्षणों खांसी (अक्सर खून के साथ), सीने में दर्द, साँस लेने में घरघराहट की आवाज और वजन कम होता है। आमतौर पर यह लक्षण इसकी शुरुवाती स्टेज में नजर नहीं आते हैं। इसेक उपचार के तरीके भी बहुत से होते हैं जिसमे प्रमुख सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, टार्गेटेड ड्रग थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी शामिल हैं।

लंग कैंसर के कारण – What causes lung cancer

* गुटका, तंबाकू का सेवन और धूम्रपान करना सबसे बड़ा कारण बनता है। बीड़ी, सिगरेट पीने और गुटका, तंबाकू का सेवन फेफड़ों के लिए हानिकारक होता है। यही कारण है कि इनमें वैधानिक चेतावनी फेफड़ों के चित्र के साथ लिखी होती है।

* लंग कैंसर का एक बड़ा कारण हवा में मौजूद पॉल्यूशन भी है। आज कल बड़े-बड़े शहरों में जगह-जगह लगी फैक्ट्रियां जम कर प्रदूषण फैला रही हैं। इसके अलावा डीजल गाड़ियों से निकलने वाला धुंआ, जिसमें बेंजीन गैस की मात्रा अधिक होती है वायु प्रदूषण का कारण बनती है। वातावरण की इस दूषित हवा से लंग कैंसर का खतरा बना रहा है।

* इसके अलावा पारिवारिक इतिहास यानि की अनुवांशिक कारक भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। कई बार शरीर में मौजूद जीन में बदलाव की वजह से भी फेफड़ों का कैंसर होम जाता है।

मुख्यतः लंग कैंसर दो प्रकार के होते हैं – Stages of lung cancer

  • स्मॉल सेल कैंसर
  • नॉन स्मॉल सेल कैंसर

लंग कैंसर के लक्षण – Symptoms of lung cancer

  • लगातार लम्बे समय से खांसी का बना रहना।
  • सीने में दर्द की शिकयत रहना।
  • सांस लेने में तकलीफ होना।
  • घरघराहट।
  • खूनी खाँसी।
  • हर समय अत्यधिक थकान महसूस करना।
  • सीढ़ियां चढ़ने उतरने में सांस फूलना।
  • बिना किसी कारण अचानक वजन कम होने लगना।

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