रूस ने लॉन्च की विश्व की पहली कोरोना वैक्सीन, WHO समेत कई देशों ने जताई शंका।
TRENDING
  • 9:56 PM » क्रिकेट पर 10 लाइन निबंध : 10 lines on cricket in hindi.
  • 4:10 PM » सेब का जूस बनाने की विधि : Apple juice recipe in hindi.
  • 10:33 PM » तरबूज का जूस बनाने की रेसिपी – Watermelon juice recipe in hindi.
  • 11:33 PM » NDMA ने बताए गर्मियों में लू से बचने के उपाय – Tips to avoid heat stroke in summer in hindi.
  • 9:09 PM » भगत सिंह पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on bhagat singh in hindi.

कोरोना की जिस वैक्सीन का इंतजार पिछले लम्बे समय से पूरा विश्व कर रहा था उसका इंतजार अब खत्म हो गया है। मंगलवार को रूस से वैक्सीन के संबंध में अच्छी खबर सामने आयी है। रूस ने दावा किया है कि उसने विश्व की पहली सफल कोरोना वैक्सीन को सफलतापूर्वक बना लिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कोरोना के खिलाफ वैक्सीन को लॉन्च करते हुए कहा की यह वैक्सीन बहुत कारगर रूप से कार्य करती है। इसका प्रयोग कोरोना वायरस के खिलाफ इम्युनिटी बढ़ाने का काम करता है। कोरोना के खिलाफ वैक्सीन के बारे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बताया कि इस वैक्सीन को हेल्‍थ मिनिस्‍ट्री से अप्रूवल मिल चूका है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि वैक्सीन का पहला टिका उनकी बेटी को लगाया गया है। यहाँ आपको बता दें कि रूस ने इस वैक्सीन को अंतिम ट्रायल के नतीजे आने से पहले ही लॉन्च कर दिया है। बहरहाल वैक्सीन को ट्रायल से पहले ही लॉन्च करने को लेकर रूस ने कोई सफाई नहीं दी है।

कब हुआ था वैक्सीन का ट्रायल
रूस ने अपनी इस वैक्सीन का ट्रायल इस वर्ष जून माह में शुरु किया था। वैक्सीन को मॉस्को के गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडिमियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी द्वारा डवलप किया गया है। वैक्सीन का पहला ट्रायल 18 जून से शुरू किया गया था। उस समय मात्रा 38 लोगों पर ट्रायल किया गया था। 20 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी लोगो में इम्युनिटी बूस्ट करने कि क्षमता पैदा हुई थी। इसके बाद वैक्सीन के कितने ट्रायल हुए इस बारे में कोई जानकरी नहीं दी गई और अगस्त माह में रूस ने कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा कर दिया।

रूस की वैक्सीन का रूस में ही विरोध
जिस तरह से रूस ने वैक्सीन को लॉन्च करने में जल्दबाजी दिखाई है, विश्व में लोगों को यह बात हजम करने में परेशानी होने लगी है। सिर्फ विश्व में ही नहीं बल्कि खुद रूस में भी इसका विरोध देखने को मिल रहा है। रूसी फार्मा कंपनी की स्थानीय इकाई ने 12 अगस्त को होने वाले इस वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन को खतरनाक बताकर इसका विरोध किया है। इंडस्ट्री बॉडी ने चेतावनी दी है कि बिना तीसरे चरण के नतीजे जाने वैक्‍सीन को आम लोगों को इस्तेमाल करने की इजाजत देना खतरनाक साबित हो सकता है। एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल ट्रायल्‍स ऑर्गनाइजेशन ने रूस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मिखाइल मुराशको को एक लेटर भेज कर कहा कि अभी तक 100 से भी कम लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई है, ऐसे में बड़े पैमाने पर इसका इस्‍तेमाल खतरनाक साबित हो सकता है।

वैक्सीन लेने से हिचक रहे कई देश
भले ही रूस ने कोरोना के खिलाफ सफल वैक्सीन बनाने का दावा क्यों न कर दिया हो। लेकिन विश्व के अधिकतर देश रूस की इस वैक्सीन के बिना तीसरे क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे जाने इसका इस्तेमाल करने में हिचक रहे हैं। यहाँ तक की WHO ने भी वैक्सीन को लेकर पर्याप्त डाटा उपलब्ध न करवाने पर शंका जाहिर की है। वहीं यूनाइटेड किंगडम ने साफ कहा है कि वह अपने नागरिकों को रूसी वैक्‍सीन की डोज नहीं देगा। इसके अलावा कई अन्य पश्चिमी देशों ने भी वैक्सीन को लेकर शंका जाहिर की है।

वैक्सीन को लेकर क्या कहना है रूस के राष्ट्रपति पुतिन का
रूस के राष्ट्रपति पुतिन कोरोना के खिलाफ बनाई गयी इस वैक्सीन से काफी खुश नजर आए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने कहा कि “इस सुबह दुनिया में पहली बार कोरोना वायरस के खिलाफ एक वैक्सीन रजिस्टर्ड की गई। ये अच्छी तरह से काम करती है और एक स्थायी इम्युनिटी प्रदान करती है।” वहीं रूस के उप स्वास्थ्य मंत्री ओलेग ग्रिडनेव ने ऐलान किया कि 12 अगस्त को करोना वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन होगा। रूस की इस वैक्‍सीन का इंडस्ट्रियल प्रॉडक्‍शन सितंबर से शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि अक्‍टूबर से देशभर में टीका लगाने की शुरुआत की जा सकती है।

अब तक हो चुके कोरोना वायरस की दवा बनाने के दावे 

ऐसी महत्पूर्ण खबरों को अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ शेयर करना ना भूलें। 

ऐसी महत्पूर्ण खबरों के लिए आज ही हमसे जुड़े :- 

Instagram
Facebook
Twitter
Pinterest

RELATED ARTICLES
LEAVE A COMMENT