Pranayam Kya Hai : क्या आप जानते हैं प्राणायाम कैसे करें?
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Pranayam kaise karen…क्या आप पहली बार प्राणायाम करने जा रहे हैं? क्या आप जानते हैं प्राणायाम कैसे करें? मौजूदा समय की बात करें तो गलत जीवनशैली और गलत खान-पान आज के समय में अधिकतर बिमारियों के पीछे का सबसे बड़ा कारण बनते जा रही है। योग प्राणायाम और व्यायाम न करना शरीर में कई बिमारियों को बुलावा देने का काम करता है। हालत इतने बुरे हो गए हैं कि छोटी से छोटी, बहुत मामूली बिमारियों के उपचार के लिए भी लोग अस्पतालों के चक्कर काटने लगे हैं। पुराने समय में ऋषि मुनि लोग मात्र प्राणायाम का सहारा लेकर कई गंभीर बिमारियों के खतरे को टाल देते थे लेकिन आज के समय में हालत एकदम विपरीत हो चुके हैं। इसलिए हम आपको यही सलाह देंगे की नियमित रूप से प्राणायाम करें और बिमारियों के खतरे को टालें। आज के इस आर्टिकल में हम चर्चा करेंगे (Pranayam kaise karen) प्राणायाम कैसे करें? (pranayam kya hai) प्राणायाम क्या है? और साथ ही जानेंगे (pranayam ke fayde) प्राणायाम करने के फायदे?

प्राणायाम कैसे करें
courtesy google

प्राणायाम क्या है (pranayam kya hai) – what is pranayam in hindi

प्राणायाम दो शब्दों प्राण+आयाम को मिलकर बना है। जिसमे प्राण शब्द का अर्थ जीवन शक्ति से और आयाम शब्द का अर्थ विकास, फैलाव, बढ़ोतरी या द्वार से है। कुल मिलाकर इसका अर्थ जीवन शक्ति या प्राणशक्ति को बढ़ाने वाला अभ्यास माना जा सकता है। आसान शब्दों में इसे समझाएं तो प्राणायाम वह प्रकिया है जो प्राणवायु/साँस की गति को नियंत्रित करने का काम करती है। इस प्रकिया के द्वारा फेफड़े की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इसे करने के दौरान विशेष तरीके से साँस को लेना और बाहर निकलना होता है। निरंतर प्राणायाम का अभ्यास कर कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। प्राणायाम अष्टांग योग का ही एक अंग है। अष्टांग योग के मुख्य भाग यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि हैं। आईये जानते हैं प्राणायाम कैसे करें?

प्राणायाम कैसे करें (Pranayam kaise karen) – How to do pranayam in hindi

  • प्राणायाम को हमेशा सुबह के वक्त ताज़ी हवा में करना चाहिए।
  • ऐसे करने के लिए घर का नजदीकी पार्क अच्छी जगह हो सकता है।
  • यदि आपके आस पास पार्क नहीं है तो आप प्राणायाम घर की छत, बालकनी या टैरेस पर कर सकते हैं।
  • हमेशा नाश्ते से पहले प्राणायाम कर लेना चाहिए।
  • इसे करते वक्त ऐसे कपड़े पहने जो बहुत ज्यादा टाइट न हों।
  • प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले जमीन पर योगा मैट बिछएँ और फिर पद्मासन, सुखासन, सिद्धासन या वज्रासन की पोजीशन में बैठ जाएँ।
  • प्राणायाम करते समय मुँह हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।
  • जब आप प्राणायाम की पोजीशन में बैठे तब आपकी कमर , गर्दन और सिर सीधे और एक लाइन में होने चाहिए।
  • आँखें बंद करें और नाम की नोक की ओर यानि मध्य में ध्यान केंद्रित करें।
  • इसे करते हुए किसी प्रकार का तनाव या ख्याल आपके दिमाग में नहीं होना चाहिए। अर्थात आपको इसे करते हुए दिमाग को रिलैक्स रखना होगा।
  • इसे करते समय मुँह को बंद रखें और नाक से गहरी सांसे लें और फिर छोड़ें।
  • साँस लेने और छोड़ने में जल्दीबाजी न करें।
  • शुरुआत में 3 से 4 मिनट तक रोजाना अभ्यास करें, धीरे-धीरे समय अवधि को बढ़ाएं।

प्राणायाम के प्रकार (pranayam kitne prakar ke hote hain) – Types of pranayama in hindi

भस्त्रिका प्राणायाम (Bhastrika Pranayam in hindi)
कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati Pranayam in hindi)
अनुलोम-विलोम (Anulom Vilom Pranayam in hindi)
भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayam in hindi)
बाह्य प्राणायाम (Bahya Pranayama in hindi)
प्रणव प्राणायाम (Pranav Pranayamain hindi)
उद्गीथ प्राणायाम (Udgeeth Pranayama in hindi)
शीतली प्राणायम (Sheetali Pranayama in hindi)
अग्निसार क्रिया (Agnisar Pranayama in hindi)
सूर्यभेदी प्राणायाम (Surya Bhedi Pranayam in hindi)
सीत्कारी प्राणायाम (Sitkari Pranayam in hindi)
चंदभेदी प्राणायम (Chandra Bhedi Pranayam in hindi)
उज्जायी प्राणायाम (Ujjayi Pranayama in hindi)

प्राणायाम के फायदे (pranayam ke fayde) – Pranayama benefits in hindi

  • अवसाद, तनाव और स्ट्रेस की समस्या को दूर करने के लिए करें प्राणायम।
  • अस्थमा से जुडी समस्याओं को दूर करने के लिए करें प्राणायम।
  • फेफड़ों से जुडी समस्याओं के निवारण में सहायक है प्राणायम।
  • एकाग्रता बढ़ाने और मन पर काबू पाने में मददगार है प्राणायम।
  • नेगेटिविटी दूर करने का कारगर तरीका है प्राणायम।
  • शरीर में प्राण शक्ति बढ़ाता है प्राणायाम।
  • अनिद्रा की समस्या में करें प्राणायाम।
  • हाइपरटेंशन में लाभकारी है प्राणायाम।
  • मन की शांति के लिए करें प्राणायाम।
  • शरीर को स्फूर्ति देने और शरीर में ऊर्जा बनाने में सहयोग करता है प्राणायाम।

मेडिटेशन का मतलब क्या होता है – What Is Meditation Meaning In Hindi.

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