जुलाई माह में स्कूल खोले जाने के विरोध में Change.org में दर्ज हुई याचिका।
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देश भर में अनलॉक 1.0 शरू हो चूका है जिसके चलते धीरे धीरे सब कुछ फिर से खुलने लगा है। इसी के तहत सरकार ने यह भी इशारा दे दिया था कि देश भर में जुलाई माह से स्कूल कालेज फिर से खोले जायेंगे। लेकिन सरकार की यह बात बच्चों के पेरेंट्स को रास नहीं आयी और इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इसी के तहत चेंज.ओआरजी (Change.org) पर एक ऑनलाइन याचिका दायर की गयी है जिस पर अभी तक 3 लाख से अधिक पेरेंट्स हस्ताक्षर कर चुके हैं। यदि आप भी जुलाई माह में स्कूल पुनः खोले जाने के समर्थन में नहीं हैं तो आप भी Change.org की इस ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। आइये जानते हैं स्कूल स्कूल खोले जाने के विरोध में Change.org में दर्ज हुई इस याचिका के बारे में …।

Change.org की इस याचिका में कहा गया है कि “जब तक कोविड-19 महामारी की स्थिति में सुधार नहीं होता या इसके लिए टीका तैयार नहीं हो जाता तब तक स्कूलों को फिर से नहीं खोला जाना चाहिए।”
बता दें कि नई अनलॉक 1.0 गाइडलाइन में सरकार ने इस बात का इशारा दिया था कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना वायरस महामारी का आंकलन करने और चर्चा करने के बाद जुलाई से स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोल जा सकता है।
सरकार के जुलाई माह में फिर से स्कूल खोलने के इस निर्णय के खिलाफ पेरेंट्स एसोसिएशन नाम के एक समूह द्वारा Change.org वेब पोर्टल पर ऑनलाइन याचिका डाली गयी है।

याचिका में कहा गया है, “जुलाई माह में सरकार द्वारा स्कूलों को फिर से खोलने का निर्णय सबसे खराब निर्णय होगा। यह पागलपन के समान है। यह आग से खेलने जैसा है, जब हम इसे (COVID-19) पूरी ताकत के साथ खत्म करना चाहते हों। पेरेंट्स को इस बेवकूफी के खिलाफ हर कीमत पर लड़ना चाहिए, एक भी बच्चे को उसकी सुरक्षा के लिए स्कूल नहीं भेजना चाहिए।”
याचिका में ये भी कहा गया है, “वर्तमान शैक्षणिक सत्र ई-लर्निंग मोड में जारी रहना चाहिए। अगर स्कूलों का दावा है कि वे वर्चुअल लर्निंग के माध्यम से अच्छा काम कर रहे हैं तो बाकी शैक्षणिक वर्ष के लिए इसे जारी क्यों नहीं रखा जाए।
याचिका में आगे कहा गया है कि मुझे यकीन नहीं कि कौन अपने बच्चों को स्कूल भेजेगा, चाहे वह स्कूल उनके सुरक्षा उपायों के संदर्भ (सामाजिक दूरियां, सैनिटाइटर आदि) में क्या कहता है, जो वो लेना चाहता है।

यहाँ करें हस्ताक्षर – Change.org

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