जानिये स्लिप डिस्क की बीमारी इसके कारण और बचाव के तरीके।
TRENDING
  • 10:07 PM » महात्मा गांधी पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on mahatma gandhi in hindi.
  • 8:00 PM » स्वामी विवेकानंद पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on vivekananda in hindi.
  • 9:15 PM » किसान पर 10 लाइन निबंध : 10 lines on farmer in hindi.
  • 11:25 PM » डेंड्रफ क्या है? जानें डैंड्रफ होने के कारण – Dandruff hone ke karan.
  • 9:30 PM » मेरे देश पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on my country in hindi.

(sleep disk in hindi) स्लिप डिस्क की बीमारी आज कल काफी बढ़ती जा रही है। ये बीमारी काफी दर्दनीय होती है स्लिप डिस्क की बीमारी कई कारणों से हो सकती है। (sleep disk in hindi) स्लिप डिस्क एक ऐसी समस्या है जिसका शुरुआती दौर में पता नहीं लग पता है। ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि हममें से अधिकांश लोग इसे कमर दर्द की सामान्य मोच या अन्य कोई समस्या मान कर डाक्टरी सलाह लेना उचित नहीं समझते, लेकिन कुछ समय बाद ये कमर दर्द बढ़ने लगता है और झुकने, बैठने, सोते समय करवट बदलने में असहनीय दर्द देने लगता है इसलिए ये बेहद जरूरी है की कमर दर्द से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्या में डॉकटर से सलाह जरूर ली जाये।

स्लिप डिस्क की बीमारी

courtesy google

स्लिप डिस्क के प्रकार – Types of sleep disk in hindi

मुख्यतः इसके तीन प्रकार होते हैं-                                                                                                सर्वाइकल – इस पाकर का डिस्क गर्दन में होता है इसमें खोपड़ी के पिछले भाग, बाहिने हाथ और कंधे के पास दर्द होता है।
थोरेसिक – इस प्रकार का डिस्क रीड़ की हड्डी के पास होता है इसमें कंधे के बीच वाले भाग में दर्द रहता है कभी कभी यह दर्द हाथ, पैर, उँगलियों और गर्दन में भी पहुंच जाता है।
लंबर – यह डिस्क रीड़ की डिक्स के निचले भाग में पायी जाती है इस प्रकार के डिस्क में कूल्हे, जांघ, और पैर की उँगलियों में दर्द रहता है।

स्लिप डिस्क की बीमारी

courtesy google

स्लीप डिस्क होने के कारण-Slip disk causes in hindi

  • भारी सामान उठाने से हड्डी के खिसक जाने के कारण.
  • किसी भी दुर्घटना होने के कारण.
  • भारी सामान उठाने से.
  • गलत तरीके से बैठने पे भी ये परेशानी होती है.
  • किसी भारी वस्तु को झटके से उठाने के कारण.
  • ज्यादा वजन होने के कारण भी डिस्क की परेशानी होती है.
  • उम्र बढ़ने के साथ साथ ये परेशानी होने का खतरा होता है क्योंकि उम्र के साथ साथ हड्डिया भी कमजोर होने लगती है.
स्लिप डिस्क की बीमारी

courtesy google

स्लीप डिस्क से बचाव के तरीके –

डिस्क की परेशानी से बचने के लिए आप ये निम्न तरीके अपना सकते हैं.
* ज्यादा देर तक एक ही पोजीशन में न बैठे रहे थोड़ी थोड़ी देर में खड़े हो कर चलें.
* जब भी आप कही बैठते हैं तो कुर्सी में सीधे हो कर के न बैठे और अपने कमर के पीछे एक तकिया या कुसन लगा लें.
* जब आप सोने जाते है तो सीधे तरह से सोए आड़े तिरछे होकर न सोए और पेट के बल कभी भी न सोए अगर आप एक तरफ सोते है तो पैरों के बीच तकिया लगा लें और सोते समय सर पे तकिया न लगाएं.
* सीधा ना झुके, झुकने के लिए सही तकनीक का इस्तेमाल करे और भारी वजन न उठाए.
* अपने वेट को बढ़ने न दे सही वजन बनाये रखें और नित्य व्यायाम करें. व्यायाम करने से डिस्क की परेशानी को ठीक किया जा सकता है.

अपनाएं ये टिप्स जोड़ों के दर्द का अचूक समाधान

दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आयी को तो कृपया अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों   के साथ शेयर जरूर करें.

  ऐसी रोचक जानकारियों के लिए आज ही हमसे जुड़े :-                                                                    Instagram         
  Facebook
  Twitter
  Pinteres

RELATED ARTICLES
LEAVE A COMMENT