मानसून के मौसम में इन तरीकों से करें पौंधों की देखभाल खिल उठेगा आपका गार्डन।
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यदि आप भी अपने घर के गार्डन में फूल लगाने की सोच रहें है तो मानसून का मौसम इसके लिए सब से उपयुक्त रहता है। इस मौसम में लगाए गए फूल और पौंधे में तेजी से वृद्धि देखने को मिलती है। लेकिन मानसून के इस मौसम में आपको अपने पौधों की एस्ट्रा केयर करनी पड़ती हैं अन्यथा अत्यधिक बारिश होने के कारण इनके खराब होने का खतरा भी बना रहता है। यही कारण है कि मानसून के मौसम में आपको पौंधों की अतिरिक्त देखभाल करना बहुत जरूरी होता है। यदि आप भी मानसून के मौसम में कोई पौंधा लगाने जा रहे हैं तो उसकी देखभाल का तरीका भी अवश्य जानिए। मानसून के मौसम में सही तरीके से देखभाल करने पर आपके गार्डन में मौजूद पौंधे और भी अधिक खिल उठते हैं। जिससे गार्डन की शोभा में चार चाँद लग जाते हैं। आईये जानते हैं एक्सपर्ट के मुताबिक मानसून के मौसम में पौंधों की देखभाल करने के लिए किन तरीकों को अपनाना चाहिए।

मानसून पौंधों की देखभाल
courtesy google

मानसून के मौसम में पौधों की देखभाल करने के लिए अपनाएं ये तरीके : How to take care of plants in monsoon

पौधों के अनुसार जगह बदलें –

मानसून के मौसम में अपने गार्डन या फिर घर की बालकनी में गमले में लगाए गए पौंधो की देखभाल के लिए जरुरी है उनकी जगह में भी परिवर्तन किया जाए। ऐसा करना इसलिए जरूरी होता है कि हमारे गमलों में कई ऐसे पौंधे लगे होते हैं जिन्हें पानी की बहुत अधिक आवश्यकता नहीं होती है। इस प्रकार के पौंधे मानसून के मौसम में होने वाली बरसात के अत्यधिक पानी से खराब होने लगते हैं। इसलिए इन्हें किसी ऐसी जगह पर रखें जहाँ ये बरसात के पानी से बचे रहें।

समय समय पर पौंधों की जाँच भी है जरूरी –

मौसम चाहे कोई भी हो आपको पौंधों की समय-समय पर जाँच करते रहना चाहिए तांकि आपको ये पता लग जाए कि कहीं पौंधे को कोई रोग तो नहीं लग रहा या फिर कोई कीड़ा पौंधे को अपना शिकार तो नहीं बना रहा। यदि इस प्रकार की कोई समस्या नजर आए तो कीटनाशक दवाई का स्प्रे करें। खासकर मानसून के मौसम में यह देखा गया है की पौंधों में कीड़ा लगने की समस्या अत्यधिक रहती है। साथ ही इस मौसम में बहुत अधिक पानी भी न दें मौसम में नमी होने के कारण मिट्टी काफी समय तक गीली रहती है।

कीड़ों से बचाने के लिए करें पेस्टीसाइड का प्रयोग –

मानसून के मौसम में पौधों में कीड़े लगने की समस्या सबसे अधिक रहती है। ऐसे में आप बाजार में मिलने वाले पेस्टीसाइड का समय-समय पर पौंधों में छिड़काव करते रहें। आप चाहें तो घर पर भी पेस्टीसाइड आसानी से बना सकते हैं उदाहरण के लिए लाल मिर्च और लहसुन का पेस्ट बनाएं और इसमें हेंड वाश मिला कर इसे किसी स्प्रे बोतल में भर लें और पौंधों पर इसका छिड़कवा करें। आप चाहें तो नीम के तेल का छिड़काव भी कर सकते हैं।

मानसून में आउटडोर और इनडोर पौंधों की देखभाल का तरीका –

इनडोर पौंधों की देखभाल के लिए उनपर महीने में कम से कम 3 से 4 बार पेस्टीसाइड का छिड़काव जरूर करें। ऐसा करने से मानसून के मौसम में लगने वाले कीड़े मर जाते हैं। घर के बाहर रखे पौंधों की देखभाल के लिए उन्हें प्लास्टिक की चादरों से ढकने की बजाय छिद्रित चादरों का उपयोग करें। इससे उन पर पानी छिड़कने में मदद मिलेगी। साथ आउटडोर और इनडोर पौंधों महीन में कम से कम दो बार गुड़ाई जरूर करें और यदि उनमें घास आदि उग रही हो तो उसे उखाड़ फेकें।

इन बातों का रखें ध्यान –

मानसून के मौसम में पौंधों की देखभाल करने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इस मौसम में पौंधों को अत्यधिक पानी पड़ने से बचाना चाहिए। समय-समय पर इनकी गुड़ाई करते रहनी चाहिए साथ ही खाद भी डालनी चाहिए। इसके अलावा कीटनाशक का प्रयोग जरूर करना चाहिए। इस मौसम में नमी अधिक होने के कारण पौधों को ऐसी जगह पर रखें जहाँ वेंटिलेशन और प्रकाश अच्छी व्यवस्था हो।

मानसून के मौसम में वार्डरोब को नमी और फंगस से बचाने के कारगर उपाय।

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