हेलमेट खरीदते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान, वरना पड़ जाएंगे लेने के देने।
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यदि आप टू-व्हीलर चलाते हैं तो आपको आपको यह अच्छी तरह से पता होगा की टू-व्हीलर राइडिंग के दौरान हेलमेट जरूर पहनना चाहिए। सरकार द्वारा समय समय पर टू-व्हीलर चालकों को हेलमेट पहनने के लिए सजग भी किया जाता है। इसके अलावा हेलमेट नहीं पहनने पर चालान भी काटा जाता है। बावजूद इसके कई लोग लापरवाही करते है और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना हेलमेट पहने निकल पड़ते हैं। कुछ लोग ऐसे भी है जो सिर्फ चेकिंग या चालान के डर से सस्ते से सस्ता और हल्का कामचलाऊ हलमेट खरीद लेते हैं। इससे आप चेकिंग से तो बच जायँगे लेकिन बात अगर आपकी सुरक्षा की करें, यह हेलमेट आपको बचा नहीं पाएगा। इसलिए हेलमेट खरीदते समय कुछ जरुरी बातों पर ध्यान देना चाहिए। तांकि किसी दुर्घटना के समय आपका हेलमेट आपकी सुरक्षा कर सके। अन्यथा किसी भी हेलमेट को खरीद कर पहन लेना सिर्फ पैसा बर्बाद करना ही कहा जाएगा। आइये आपको बताते हैं हेलमेट खरीदते समय कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

हेलमेट खरीदते समय ध्यान
courtesy google

हेलमेट खरीदते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान – How to buy better helmet for safe ride

ISI मार्क वाला हेलमेट खरीदें –

आपको टू-व्हीलर राइडिंग के दौरान रोड किनारे जगह-जगह हेलमेट बेचने वाले जरूर दिखते होंगे। इनके पास हेलमेट का अच्छा खासा कलेक्शन भी मौजूद होता है। रेट की बात करें तो ये आपको सस्ते से सस्ता और महंगे से महंगा हेलमेट दिखा देते हैं। जिनमें से कुछ असली तो कुछ नकली होते हैं। ऐसे में जरुरी है कि आपको एक सही हेलमेट की पहचान हो। असली हेलमेट के ऊपर हमेशा ISI मार्क जरूर लगा होता है। इस ISI मार्क का मतलब होता है हेलमेट पहनने के लिए सुरक्षित है। यहाँ आपको एक बात का और ध्यान देना होगा ISI मार्क लगा ऑरिजनल हेलमेट कभी भी 300 या 400 रूपये में नहीं मिल सकता है।

साइज जरूर चेक करें –

सुरक्षा की दृष्टि से देखें तो आपके हेलमेट का साइज और शेप बड़े मायने रखता है। कोई हेलमेट तभी सुरक्षित माना जाता है जब वह आपको हादसे के दौरान कम से कम चोट पहुंचने दे। इसके लिए जरूरी है हेलमट का साइज और शेप ऐसा हो, जो आपके चेहरे को अच्छी तरह से कवर कर सके। अक्सर ढीला ढाला हेलमेट हादसे के वक्त छटक कर दूर गिर जाता है। इसलिए हेलमेट खरीदते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि वह अच्छी तरह से आपके चेहरे पर फिट हो रहा है या नहीं।

वजन करें चेक –

हेलमेट खरीदते समय इसका वजन भी जरूर चेक करें। बहुत ज्यादा भारी भरकम वजन वाला हेलमेट नहीं खरीदना चाहिए। अधिक वजनदार हेलमट को पहनने से आपकी गर्दन पर अतरिक्त भार पड़ता है और गर्दन में दर्द की शिकायत रहने लगती है। ध्यान रखें आपके हेलमेट का वजन 1200 से 1350 ग्राम तक होना चाहिए, इससे ज्यादा वजन का हेलमेट गर्दन के लिए सही नहीं होता।

हेलमेट पर लगे शीशे को चेक करें –

हेलमेट खरीदते समय इसपर लगे शीशे को अवश्य चेक करें। हेलमेट का शीशा जितना अधिक क्लियर होगा आपको इससे उतना ही अधिक साफ दिखेगा। मौजूदा समय में बाजार में अलग-अलग शीशे लगे हेलमेट मिल जाते हैं। जिनमें से कुछ बहुत क्लियर तो कुछ बहुत डार्क होते हैं। रात्रि के हिसाब से देखा जाए तो क्लियर शीशे वाला हेलमेट सबसे अच्छी चॉइस होगी।

फुल फेस या हाफ फेस –

सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो फूल फेस हेलमेट से अच्छा कुछ और नहीं होम सकता। ये आपका पूरा फेस कवर करता है और बेहतर प्रोटेक्शन देता है। इसके विपरीत हाफ फेस हेलमेट सिर्फ सिर को सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए इसे एक सेफ हेलमेट नहीं कहा जा सकता।

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