माइग्रेन को ठीक करने के घरेलू नुस्‍खे बिना साइड इफ़ेक्ट के कर सकते है इस्तेमाल
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सिरदर्द का एक ऐसा रूप जो बार-बार या लगातार होता है, उसे माइग्रेन कहते हैं। माइग्रेन को आम बोलचाल की भाषा में अधकपारी भी कहते हैं। माइग्रेन एक प्रकार का तेज सिरदर्द है, जो आमतौर पर संवेदी चेतावनी संकेतों के साथ आता है। इसमें लोगों को तेज रोशनी, ब्‍लाइंड स्‍पॉट, हाथ-पैर में झुनझुनी, मतली, उलटी और रोशनी तथा आवाज में संवेदनशीलता का बढ़ना जैसे संकेत नजर आते हैं। माइग्रेन की कष्‍टदायी पीड़ा कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकती है। माइग्रेन को ठीक करने के लिए आप कई प्रकार की अंग्रेजी दावाईयों का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन लम्बे समय तक इनका प्रयोग नुकसानदेय हो सकता है। आईये जानते हैं माइग्रेन को ठीक करने के घरेलू नुस्‍खे।

 गलत लाइफस्टाइल हो सकती है इसकी वजह-

माइग्रेन के मरीज दुनियाभर में बढ़ते जा रहे हैं। हमारा देश भी इससे अछूता नहीं है, इसका सबसे बड़ा कारण भागदौड़ भरी जिंदगी को माना जाता है। मौजूदा समय की जिंदगी तनाव से भरपूर है, और लोग इसे बदलने का अधिक प्रयास भी नहीं करते। धीरे-धीरे यही सब माइग्रेन के रुप में बदलने लगता है। सामान्य स्थिति से तनाव भरे माहौल में पहुंचने पर सिरदर्द बढ़ जाता है और ब्लडप्रेशर हाई होने लगता है। लगातार ऐसी स्थितियां अगर आपके सामने बनी रहें, तो समझिए आप माइग्रेन के शिकार हो रहे हैं।

माइग्रेन क्‍या होता है- What is migraine in hindi

माइग्रेन सिरदर्द का एक तीव्र प्रकार होता है जिसका दर्द सिर्फ के आधे हिस्से में बहुत तेज और असहनीय होता है। माइग्रेन के दौरान पीड़ित व्यक्ति के सिर की ब्लड वेसल्स फ़ैल जाती हैं। इन वेसेल्स में इस दौरान एक खास प्रकार के केमिकल का स्राव होने लगता है। ये फैली हुए वेसल्स नर्व फाइबर्स पर दबाव डालती हैं। जिसके परिणाम स्वरूप व्यक्ति को सिर में तेज और असहनीय दर्द महसूस होता है। माइग्रेन का यह दर्द 2 से लेकर 72 घंटे तक बना रह सकता है। असर माइग्रेन शुरू होने से पहले ही व्यक्ति को इसके होने का आभास हो जाता है। इसमें व्यक्ति को चक्कर आना, उल्टी होना, दिखने में परेशानी होना जैसे लक्षण नजर आते हैं।

माइग्रेन का लक्षण- Symptoms of migraine in hindi

* माइग्रेन सिरदर्द के दौरान मतली, डायरिया और उल्‍टी जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
* इसके चलते भोजन छोटी आंत में देर से पहुँचता है। यानी इससे पाचन क्रिया पर विपरीत असर होने लगता है।
* माइग्रेन के दौरान रक्‍त प्रवाह भी धीमा हो जाता है, जिससे हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगते हैं। और रोशनी तथा आवाज़ के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
* एक अनुमान के अनुसार भारत में करीब 12 फीसदी लोगों को माइग्रेन सिरदर्द की शिकायत है। महिलाओं को माइग्रेन होने का खतरा पुरुषों की अपेक्षा अधिक होता है।

15 से 55 साल के लोग हैं ज्यादा प्रभावित-

अमेरिका में किये गये शोध के मुताबिक, वहां करीब चार करोड़ लोगों को माइग्रेन की समस्‍या है। यह सिरदर्द 15 से 55 वर्ष की आयु के लोगों को अधिक परेशान करता है। ऐसे लोग जिनके परिवार में माइग्रेन का इतिहास है, उन्‍हें यह बीमारी होने का खतरा तीन चौथाई अधिक होता है। फाउंडेशन की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आधे से कुछ अधिक माइग्रेन पीडि़तों का सही निदान उनके चिकित्‍सकों द्वारा किया गया। हालांकि, कुछ मामलों में माइग्रेन को चिंता से होने वाले सिरदर्द और साइनस सिरदर्द का रूप समझकर इलाज किया गया।

माइग्रेन को ठीक करने के 5 घरेलू नुस्‍खे जो आप बिना साइड इफ़ेक्ट के इस्तेमाल कर सकते है- Migraine treatment in hindi at home

1. दही, चावल और मिश्री मिलाकर सूरज निकलने से पहले खा लेने से उस सिरदर्द में आराम मिलता है, जो सूरज के साथ बढ़ता और घटता है। दिन में भी दही, चावल खाने से इस रोग में राहत मिलती है।
2. सूरज उगने से पहले नारियल और गुड़ के साथ छोटे चने बराबर कपूर मिलाकर तीन दिन तक खाएं। इससे माइग्रेन का दर्द चला जाएगा।
3. माइग्रेन में अणु तैल नामक औषधि बहुत लाभकारी है। यह औषधीय तेल तिल के तेल और बकरी के दूध के साथ 26 औषधियों-वनस्पतियों को पकाकर तैयार किया जाता है। इस तेल की 10-20 बूंदें नाक में डालकर जोर से खींचना चाहिए। इस तेल के प्रयोग से किसी प्रकार का कोई नकारात्मबक प्रभाव नहीं पड़ता।
4. नींबू को छिलके समेत पीसकर उसका पेस्ट बना लें और सिर पर लगायें। इससे बड़ी राहत मिलती है
5. लौंग के चार-पांच दाने पीसकर तवे पर हल्का सा गर्म करें और उसे सिर पर लगा लें। इससे दर्द से राहत मिलती है। लौंग न हो तो बड़ी इलाइची का छिलका पीसकर उसे हल्का गर्म करके भी सिर पर लगा सकते हैं।

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7 COMMENTS

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