लोहे के बर्तन में खाना बनाने से दूर होती है, शरीर में एनीमिया और आयरन की कमी।
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अपने घर में आपने अक्सर (lohe ke bartan mein khana banane ke fayde) लोहे के बर्तन में खाना बनते देखा होगा या आपने भी कभी अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को लोहे के बर्तन में खाना बनाने के स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभों के बारे में बताते जरूर सुना होगा। लोहे के बर्तन में खाना बनाने की परम्परा काफी प्राचीन समय से चली आ रही हैं। माना जाता है कि इन बर्तनो में बनाया गया खाना और भी अधिक पौष्टिक और गुणकारी हो जाता है। इसमें बना खाना आयरन के तत्वों से भरपूर होता है। ऐसा माना जाता है कि जब हम लोहे के बर्तन में खाना पकाते हैं, तो यह धातु की सतह के साथ प्रतिक्रिया करता है जिसके फलस्वरूप इसके गुण आपके भोजन में भी आ जाते हैं। ये तो हम सभी जानते हैं, लोहा आयरन का बहुत बेहतरीन स्रोत होता है और आयरन हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिहाज से शरीर के लिए बेहद जरूरी तत्व होता है। आईये जानते हैं (lohe ke bartan mein khana banane ke fayde) लोहे के बर्तन में खाना पकाने के फायदों के बारे में।

लोहे के बर्तन में खाना

courtesy google

लोहे के बर्तन में खाना पकाने के स्वास्थ्य लाभ  (lohe ke bartan mein khana banane ke fayde) – Health Benefits of Cooking in an Iron Pot.

आयरन का खजाना –

लोहे के बर्तन में खाना खाने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह आपके शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने का काम करता है। यही कारण है कि प्राचीन काल के लोग खाना पकाने के लिए मिट्टी, तांबे, पीतल और लोहे के बर्तनों का ही यूज करते थे। लोहे के बर्तन उठाने में काफी भारी होते हैं उदाहरण के लिए आप अपने घर पर रखे तवे और लोहे की कड़ाई पर ही नजर डाल लीजिए।

आज कल लोग ऐसे भारी भरकम बर्तनो का उपयोग करने से बचते हैं और लोहे की जगह लाइट वेट नानस्टिक बर्तनों का उपयोग अधिक करते हैं। आपको ये जानकर हैरानी होगी की कम्बोडिया में लोग आयरन की कमी की पूर्ति करने के लिए मछली के आकर के लोहे के टुकड़ो को खाने में डाल देते हैं। ऐसा करने से भोजन में आयरन की अच्छी खासी मात्रा आ जाती है।

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एक शोध में पाया गया कि नए लोहे के बर्तन में पुराने हो चुके लोहे के बर्तन से कहीं अधिक मात्रा में आयरन मिलता है। लोहे के बर्तन में कुकिंग करते समय खट्टे यानि अधिक एसिड नेचर वाले खाद्य पदार्थ लोहे के साथ तेज प्रतिक्रिया करते हैं और सबसे ज़्यादा मात्रा में आयरन अवशोषित करते हैं। इसके अलावा ऐसे खाद्य पदार्थ जो पकने में ज्यादा वक्त लेते हैं या जिनको अधिक देर तक लोहे के बर्तन में पकाया गया हो एक अच्छी मात्रा में आयरन को अवशोषित करते हैं। वहीं मथकर बनाये जाने वाले खाद्य पदार्थों में अधिक मात्रा में आयरन मिलता है क्योंकि वे आयरन के संर्पक में ज्यादा आते हैं।

एनीमिया की कमी दूर करे –

लोहे के बर्तन में कुकिंग करने का एक बाद फायदा यह भी होता है कि यह शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाने का काम करते हैं। जिन लोगों के शरीर में खून की कमी हो, जो एनीमिया से ग्रस्त हों, उन लोगों को शरीर में आयरन की ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे लोगों को लोहे के बर्तन में बना खाना अवश्य खाना चाहिए। लोहे में आयरन की अच्छी मात्रा मौजूद होती है और आयरन की कमी के चलते ही एनीमिया जैसे रोग आ घरते हैं।

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लोहे के बर्तन में खाना बनाते समय क्या सावधानियां बरतें –

  • इन बर्तनों को हल्के डिटर्जेंट से धोएं और तुरंत पौंछ दें।
    इन बर्तनों को धोने के लिए खुरदरे स्क्रबर या स्टील के जूने का इस्तेमाल न करें।
    इन बर्तनों को धोने के बाद, साफ कपड़े से पानी पोछ कर इन्हें ड्राई कर लें और स्टोर करने से पहले तेल लगा दें, ताकि जंग न लग सके।
    हमेशा बर्तन को नमी वाली जगह से दूर किसी साफ और सूखी जगह पर रखें।
    इन बर्तनों में पानी या फिर कोई तरल पदार्थ स्टोर करके न रखें क्योंकि लोहा नमी के साथ प्रतिक्रिया करता है।

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