वायरोलॉजिस्ट डॉ. ली-मेंग यान का दावा वुहान लैब में बनाया गया था कोरोना वायरस।
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चीन की एक महिला वायरोलॉजिस्ट ने कोरोना वायरस को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। महिला वायरोलॉजिस्ट डॉ. ली-मेंग यान (Dr. Li-Meng Yan) ने दावा किया है कि दुनिया के लिए मुसीबत बन चुका कोरोना वायरस का जन्म चीन की वुहान लेब में हुआ था। उन्होंने कहा कि चीन में मीट मार्केट से कोरोना वायरस का जन्म होने की बातें मनगंढ़त हैं। डॉ. ली-मेंग यान कोरोना वायरस पर सबसे पहले शोध करने वाले वैज्ञानिकों में से एक हैं। डॉ. ली-मेंग यान के मुताबिक वह जल्द ही ऐसे सबूत पेश करेंगी जो इस बात का खुलासा करेंगी की कोरोना वायरस वुहान मीट मार्केट से नहीं बल्कि चीन की वुहान लेब में जन्मा है।

सम्पूर्ण विश्व में कोरोना वायरस का आतंक पिछले वर्ष की दिसंबर माह से लगातार जारी है। चीन से निकला यह वायरस सम्पूर्ण विश्व के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुका है। कोरोना वायरस की उत्पत्ति की बात करें तो आज तक चीन इस मामले में सम्पूर्ण विश्व को कोई सही जवाब नहीं दे पाया है। यही कारण है की कोरोना वायरस फैलने के बाद से ही चीन कई देशों के रडार में आ गया है।

डॉ. ली-मेंग यान
courtesy google

डॉ. ली-मेंग यान के खुलासे के बाद एक फिर सालों के घेरे में चीन
बीजिंग की महिला वायरोलॉजिस्ट के कोरोना वायरस को लेकर किये इस खुलासे के बाद चीन एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। चीन पर कोरोना प्रसार के बाद से ही तरह-तरह के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन चीन हमेशा इन आरोपों को नकारते हुए यही कहता आया है कि कोरोना वायरस का जन्म वुहान की मीट मार्केट से हुआ है। हालाँकि विश्न के कई देश चीन की इस बात से सहमति नहीं रखते हैं और इस वायरस प्रसार के लिया सीधा जिम्मेदार चीन को मानते हैं।

WHO भी रहा खामोस
डॉ. ली-मेंग यान के मुताबिक जब पहली बार कोरोना वायरस का पता चला था तब WHO को सूचित किया गया था लेकिन उनकी और से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी। उनके मुताबिक इस वायरस की जानकरी चीनी अधिकारियों को देने के बावजूद उन्होने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया। महिला वायरोलॉजिस्ट के मुताबिक कोरोना वायरस वुहान की एक चीनी सरकार के निंयत्रण में आने वाली लैब में बनाया गया था।

मीट मार्केट में इसका जन्म सिर्फ एक छलावा
अपने इंटरव्यू में डॉ. ली-मेंग यान ने इस बात का भी खुलासा किया कि यह वायरस किसी मीट मार्केट से नहीं आया है। मीट मार्केट में इसका जन्म बताना महज एक छलावा है। डॉ. यान के मुताबिक उन्होंने वुहान के स्थानीय डॉक्टरों और कुछ खुफिया जानकारियों के माध्यम से यह पता लगाया है कि कोरोना वायरस का जन्म किसी मार्केट में नहीं बल्कि लैब में सुनियोजित तरीके से हुआ था। उनके मुताबिक चीन अधिकारियों को इस बात की खबर थी कि यदि यह वायरस फैलता है तो एक बड़ी महामारी का रूप लेगा। उन्होंने कहा, “जीनोम सीक्वेंस इंसानी फिंगर प्रिंट जैसा है। इस आधार पर इसकी पहचान की जा सकती है। मैं इस सबूत के आधार पर लोगों को बताऊंगी कि कैसे यह चीन की लैब से आया है”।

चीन ने हटाई डेटाबेस से जानकरी
महिला वायरोलॉजिस्ट डॉ. ली-मेंग यान उनकी सभी जानकरी चीन के डेटाबेस से हटाई जा चुकी हैं। उन्हें चीन में जान से मार देने तक की धमकियाँ मिलने लगी थी। किसी तरीके से वह बचते-बचाते हुए छुप कर अमेरिका भाग आयी थी। उनके मुताबिक चीन में उनके बारे में झुठी खबरें फैलाई गयी। डाक्टर डॉ. ली-मेंग यान के मुताबिक वायरस की उत्पत्ति पहचानने के लिए जरूरी नहीं की आप कोई वैज्ञानिक हों। इसे पहचानना बहुत आसान है वायरस का जीनोम सिक्वेंस एक इंसानी उंगलियों के निशान की तरह होता है। जिसके आधार पर यह किया जा सकता है कि इसे लैब में बनाया गया है या फिर ये प्राकृतिक वायरस है।

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