कोरोना वॉरियर्स स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने पर जाना पड़ेगा 7 वर्ष के लिए जेल।
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ रही हमारे देश की फ्रंट लाइन मौजूद कोरोना वॉरियर्स (डॉक्टर्स, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों) के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवायी में हुई बैठक में कैबिनेट ने 123 वर्ष पुराने 1897 के आपदा प्रबंध कानून में बड़े संशोधन के अध्यादेश को मंजूरी देने का फैसला लिया है। आपको बता दें कि देश के कई हिस्सों से आये दिन कोरोना महामारी से लड़ रहे, हमारे फ्रंट लाइन के कोरोना वॉरियर्स पर पथराव और हिंसा की घटनाये सामने आयी थी। इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने और फ्रंट लाइन में मौजूद कोरोना वॉरियर्स (डॉक्टर्स, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों) की सुरक्षा हेतु केंद्र सरकार ने कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वॉरियर्स (डॉक्टर्स, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों) की सुरक्षा हेतु उठाया गया यह कदम वाकई सराहनीय है।

कोरोना वॉरियर्स स्वास्थ्यकर्मियों

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कोरोना वॉरियर्स (डॉक्टर्स, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों) पर हमला करने पर जाना पड़ेगा 7 वर्ष के लिए जेल –

देश में कोरोना संक्रमण के खिलाफ जुटे सभी कोरोना वॉरियर्स (डॉक्टर्स, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों) को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कोरोना वॉरियर्स पर हमला करने वाले सभी अराजक तत्वों पर 3 महीने से 7 वर्ष तक की लम्बी सजा के प्रावधान को मंजूरी देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा दोषियों पर 5 लाख तक का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार डाक्टर, नर्सों और अन्य चिकित्साकर्मियों पर किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुए इस ऐतिहासिक बैठक में 123 वर्ष पुराने कानून में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।

नए कानून के मुताबिक स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने पर 50 हजार से 2 लाख तक का जुर्माना और 5 वर्ष तक की सजा हो सकती है। इसके विपरीत गंभीर चोट पहुंचाने पर 7 साल की केंद और 5 लाख तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यदी कोई हमलावर स्वास्थ्यकर्मी के वाहन या क्लिनिक को नुकसान पहुँचता है तो ऐसी परिस्थिति में नुकसान की भरपाई भी हमलावर को करनी होगी। यह जाँच 30 दिन के अंदर पूरी करनी होगी और हुए नुकसान का बाजार रेट के अनुरूप हमलावर को उसकी दो गुनी रकम भरनी होगी।

क्या कहा प्रधानमंत्री ने –

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह संशोधित कानून हमारे साहसी कोरोना वॉरियर्स (डॉक्टर्स, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों) को प्रयाप्त सुरक्षा प्रदान करने हेतु हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। यह कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ रहे सभी पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कोरोना वॉरियर्स की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा।

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