हांगकांग की वायरोलॉजिस्ट का दावा चीन ने दुनिया से छिपाई कोरोना की जानकारी।
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कोरोना प्रसार को लेकर चीन शुरू से ही वैश्विक मोर्चे पर घिरता नजर आया है। चीन के वुहान शहर से निकला यह वायरस विश्व के 250 से अधिक देशों को अपनी चपेट में ले चूका है। वायरस के कारण सम्पूर्ण विश्व में लोग खौफ के साये के नीचे जीने को मजबूर हो गए हैं। वायरस को लेकर चीन के ऊपर शुरू से ही काफी गंभीर आरोप लगें हैं। जिनमे से कुछ मुख्य, वायरस के बारे में विश्व को गुमराह करना, सही आंकड़ों को नहीं बताना और वायरस का जन्म कब, कैसे और कहाँ हुआ इसकी सही जानकरी उपलब्ध नहीं करवाना आदि। हाल ही में हांगकांग से जान बचाकर अमेरिका पहुंची एक वायरोलॉजिस्ट ने कोरोना वायरस को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। हांगकांग की वायरोलॉजिस्ट ने दावा किया है कि चीन को कोरोना वायरस के बारे में पहले से जानकारी थी लेकिन उसने जानबूझकर दुनिया से इस बात को छिपाए रखा।

हांगकांग की वायरोलॉजिस्ट लि-मेंग यान का दावा
हांगकांग से जान बचाकर अमेरिका पहुंची एक वायरोलॉजिस्ट लि-मेंग यान ने फॉक्स न्यूज को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में दावा किया कि कोरोना वायरस के बारे में चीन सब कुछ पहले से जानता था। हांग-कांग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में वायरोलॉजी और इम्यूनोलॉजी की विशेषज्ञ लि-मेंग यान के मुताबिक वायरस प्रसार के शुरूआती दिनों में ही उन्होनें इस पर शोध शुरू कर दिया था। लेकिन उनके सुपरवाइजर्स ने इसे नजरअंदाज कर दिया, जबकि वह इस क्षेत्र के एक्पर्ट माने जाते हैं। येन ने यह भी कहा कि चीन ने विश्व से वायरस की जानकारी छुपाये रखने के लिए हांगकांग के विशेषज्ञों की टीम को रिसर्च में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया।

चीनी सरकार ने कराया डॉक्टरों और शोधकर्ताओं का मुँह बंद
यान के मुताबिक वह उन शोधकर्ताओं की टीम में शामिल थी जिन्होंने सबसे पहले कोरोना वायरस पर स्टडी शुरू की थी। लेकिन जल्द ही चीन ने उनसे किनारा कर लिया और हांगकांग के विशेषज्ञों की टीम को रिसर्च में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया। उनके मुताबिक जो शोधकर्ता वायरस संक्रमण के शुरुआती दिनों में इस पर खुल कर चर्चा करते थे। उन्होने धीरे-धीरे अपने मुँह बंद कर लिया। यान के मुताबिक शायद उन पर चीनी सरकार की तरफ से दवाब बनाया जा रहा था। यान के मुताबिक धीरे-धीरे जब वुहान में स्थिति बिगड़ने लगी तो इस बारे में सिर्फ उन्हें इतना ही बताया गया कि मास्क पहने और अपनी सुरक्षा करें। इसके बाद यान ने वुहान से निकलने का फैसला लिया।

यान के ऊपर मंडरा रहा था खतरा
यान के मुताबिक वुहान से बचकर निकलना कोई आसान काम नहीं था। वहां पर जगह-जगह पर सीसी टीवी कैमरे और सिक्योरटी मौजूद थी। उन्हें बचते बचाते इन सब को पार करना पड़ा, इस दौरान उन्हें पकड़े जाने का भय भी लगातार बना हुआ था। लेकिन वह किसी तरह से वहां से निकलने में सफल रही। यान के मुताबिक अपनी इस कोशिश में यदि वह असफल रहती तो शायद चीन सरकार उन्हें अब तक या तो गायब कर चुकी होती या उनकी हत्या हो चुकी होती। यान के मुताबिक चीनी सरकार उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रही है और सरकार के गुंडे उन्हें चुप करने के लिए साइबर अटैक कर रहे हैं। हांगकांग सरकार ने उनके छोटे से अपार्टमेंट को भी तोड़ दिया और उसके माता-पिता से पूछताछ की।

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