कोरोना प्रसार को लेकर चीन ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए जारी किया श्वेत पत्र.
TRENDING
  • 10:07 PM » महात्मा गांधी पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on mahatma gandhi in hindi.
  • 8:00 PM » स्वामी विवेकानंद पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on vivekananda in hindi.
  • 9:15 PM » किसान पर 10 लाइन निबंध : 10 lines on farmer in hindi.
  • 11:25 PM » डेंड्रफ क्या है? जानें डैंड्रफ होने के कारण – Dandruff hone ke karan.
  • 9:30 PM » मेरे देश पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on my country in hindi.

सम्पूर्ण विश्व में कोरोना प्रसार को लेकर घिर चुके चीन ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए पहली दफा श्वेत पत्र जारी किया है। अपने इस श्वेत पत्र में चीन ने बताया कि 27 दिसंबर को पहली बार वायरल निमोनिया संक्रमण की सूचना सामने आयी थी। लेकिन इंसानो में इसके प्रसार की सूचना पहली बार 19 जनवरी को सामने आयी थी। अपनी सफाई में जारी किये श्वेत पत्र में चीन ने कहा कि वायरस के प्रसार कि सूचना मिलने के बाद से चीन ने इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के भरकस प्रयास किये।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से चीन सम्पूर्ण विश्व में कोरोना प्रसार को लेकर विश्व के कई देशों द्वारा लगातार आलोचना का शिकार बनते जा रहा है। जिससे सम्पूर्ण विश्व में चाइना की इमेज खराब और आलोचनाओं का शिकार होने लगी है। इन्हीं सबके मद्देनज़र अपनी वैश्विक छवि को बनाये रखने के लिए चीन ने श्वेत पत्र जारी करते हुए कोरोना प्रसार पर एक लंबा स्पष्टीकरण दिया गया है।

श्वेत पत्र में “जनरल सेक्रेटरी ऑफ़ द कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चीन” के लीडर Xi Jinping (शी जिनपिंग) ने महामारी को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई है। साथ ही इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि वायरस के बारे में पता चलते ही ‘बिना समय गंवाए’ इस जानकारी को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ साझा किया गया था। चीन के द्वारा जारी इस श्वेत पत्र में यह भी बताया गया है कि 4 जनवरी को अमेरिकी समकक्ष को चीन रोग नियंत्रण केंद्र ने इस अंजाने वायरस के बारे में सूचित किया था।

बता दें कि कोरोना महामारी प्रसार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुरू से ही चीन के प्रति बेहद अग्रेसिव नीतियाँ अपनाते हुए दिखे हैं। ट्रंप के मुताबिक कोरोना महामारी को विश्व में फैलाना के पीछे चीन का सबसे बड़ा हाथ है। यहाँ तक कि उन्होंने कोरोना को चीन के द्वारा सम्पूर्ण विश्व को दिया गया अब तक का सबसे खराब (बुरा) गिफ्ट बताया है। डोनाल्ड ट्रंप ने महामारी को लेकर चीन पर पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप भी लगाया है।

श्वेतपत्र के अनुसार वुहान में 27 दिसंबर 2019 को एक अस्पताल द्वारा कोरोना वायरस की पहचान किए जाने के बाद स्थानीय सरकार ने स्थिति को देखने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली। इसने कहा कि निष्कर्ष यह था कि ये विषाणुजनित निमोनिया के मामले थे। श्वेतपत्र में कहा गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ टीम ने 19 जनवरी को पहली बार पुष्टि की कि विषाणु मानव से मानव में फैल सकता है।

कोरोना वायरस से संबंधित अन्य खबरों के लिए पढ़ें  –

इजरायल का दावा! बन गयी कोरोना वैक्‍सीन जल्द ही खत्म होगा कोरोना वायरस।

जल्द खत्म हो सकता है कोरोना, इजरायल के बाद इटली ने किया कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने का दावा।

अमेरिका में उम्मीद की किरण बनी रेमडेसिवीर (Remdesivir) दवा इलाज के लिए मिली मंजूरी।

कोरोना: आयुष मंत्रालय ने प्रदान की चार दवाईयों को कोरोना संक्रमण के इलाज हेतु ट्रायल की अनुमति।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी करी नयी होम आइसोलेशन गाइडलाइन, जानिए क्या हैं शर्तें।

इटली में लॉकडाउन के बीच नया फैशन ट्रेंड बना त्रिकिनी (बिकनी विद मास्क)।

विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन, पढ़े नियम।

अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी खबर पसंद आयी तो कृपया अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों के साथ शेयर जरूर करें. 

ऐसी महत्पूर्ण जानकारियों के लिए आज ही हमसे जुड़े :- 

Instagram
Facebook
Twitter
Pinterest

RELATED ARTICLES
LEAVE A COMMENT