जानिए 5 जून 2020 को लगने वाले चंद्र ग्रहण से जुडी अहम बातों के बारे में।
TRENDING
  • 9:51 PM » वजन कम करने वाले फल – Best fruits for weight loss in hindi.
  • 10:31 PM » चंद्रशेखर आजाद पर 10 लाइन निबंध – 10 lines on chandrashekhar azad in hindi.
  • 9:30 PM » त्वचा के लिए नीम के फायदे – Neem benefits for skin in hindi.
  • 9:55 PM » घर से कीड़े-मकोड़ों को भागने के आसान घरेलू नुस्खे.
  • 11:18 PM » पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए करें इन ड्रिंक्स का सेवन।

5 जून 2020 यानि की आज इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2020) लगने वाला है। साल का यह दूसरा चंद्र ग्रहण ज्योतिषशास्त्र और खगोल विज्ञान के मुताबिक एक महत्वपूर्ण घटना है। इस बार का यह चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2020) एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका समेत अन्य कई क्षेत्रों में देखा जायेगा। बता दें कि इससे पहले 10 जनवरी को इस साल का पहला चंद्र ग्रहण देखा गया था। 5 जून 2020 के इस चंद्र ग्रहण के बाद साल के तीसरे चंद्र ग्रहण की तिथी 5 जुलाई 2020 बताई जा रही है। आईये जानते हैं 5 जून 2020 के इस चंद्र ग्रहण से जुडी कुछ बातों के बारे में साथ ही जानिए ग्रहण का समय और समापन के बारे में।

चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2020) की अवधि –

5 जून 2020 के इस चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 15 मिनट की बताई जा रही है। इस ग्रहण की शुरुआत 5 जून की रात 11:15 से होकर 6 जून को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। जयोतिषों के मुताबिक चूँकि यह एक उपछाया चंद्र ग्रहण है इसलिए इसका पृथ्वी पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा ग्रहण के दौरान चाँद धुंधला लेकिन पूरा नजर आएगा।

यूट्यूब पर भी होगा लाइव टेलीकास्ट –

उपछाया चंद्र ग्रहण को देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन आप इसकी लाइवस्ट्रीम स्लोह (Slooh) और वर्चुअल टेलीस्कोप जैसे लोकप्रिय यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं। वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट 2.0 को ग्रहण का लाइव वेबकास्ट करने के लीए प्रयोग किया जाता जाता है, जिसे खगोलविज्ञानी गियानलुका मैसी (Gianluca Masi) द्वारा होस्ट किया जाएगा।

ग्रहण के दौरान रखें इन बातों का ख्याल –

* पूरे ग्रहण काल के दौरा कोई भी नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
* ग्रहण काल के दौरान तुलसी को नहीं छूना चाहिए।
* इस दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
* बुजुर्ग, रोगी और बच्चे ग्रहण से पहले या उसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।
* ग्रहण के समय काल की अवधि समाप्त होने के पश्च्यात नहाकर गंगा जल से घर का शुद्धिकरण करें।

नोट – उपर बताए गए सभी तथ्य ज्योतिष तथ्यों पर आधारित हैं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अभी तक इनका कोई प्रमाण नहीं मिला है।

World Environment Day 2020: जानिए क्या है इसका इतिहास और कब मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस?

अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आयी तो कृपया अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों के साथ शेयर जरूर करें. 

ऐसी महत्पूर्ण जानकारियों के लिए आज ही हमसे जुड़े :- 

Instagram
Facebook
Twitter
Pinterest

RELATED ARTICLES
LEAVE A COMMENT