मजदूरों के मसीहा बने सोनू सूद, कभी ₹420 का पास लेकर करी थी काम की तलाश।
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देश में चल रहे कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण अलग अलग राज्यों में फसे लोगों के लिए यदि कोई व्यक्ति मसीहा बन कर सामने आया है तो वो है सोनू सूद। लॉकडाउन के बाद से वो अभी तक प्रवासी मजदूरों को बसों के जरिये घर पहुंचाने के कार्य में पूरी निष्ठां के साथ लगे हुए हैं। रील लाइफ में ज्यादातर पिक्चरों में विलन का रोल निभाने वाले सोनू सूद रियल लफाइ के सबसे बड़े हीरो बनकर सामने आये हैं। प्रवासी मजदूरों के मसीहा बने सोनू सूद अभी तक न जाने कितने प्रवासी मजदूरों को सकुशल उनके घर पहुंचा चुके हैं। ये दिन हो या रात निस्वार्थ भाव से अपना काम करते चले जा रहें हैं। हाल ही में मजदूरों के मसीहा बने सोनू सूद का इंटनेट पर रेलवे टिकट का पुराना फोटो जम कर वायरल हो रहा है। जो सोनू सूद के मुंबई सफर के शुरुवाती स्ट्रगल की कहानी को बयां कर रहा है। जानिए मजदूरों के मसीहा बने सोनू सूद के बारे में…।

लॉकडाउन में मजदूरों के मसीहा बने सोनू सूद का आजकल सोशल मिडिया पर एक पुराना मुंबई लोकल ट्रेन का पास वायरल हो रहा है। अरविन्द पांडेय नाम के एक व्यक्ति ने सोनू सूद की पुरानी फोटो के साथ लोकल पास को शेयर करते हुए लिखा है कि “जिसने सच में संघर्ष किया हो उसे दूसरे लोगों की पीड़ा समझ में आती है। सोनू सूद कभी ₹420 वाली लोकल का पास लेकर सफर किया करते थे।” इस तस्वीरों को लोगों ने खूब पसंद किया और सोनू सूद की उनके नेक कार्यों के चलते प्रशंसा भी करी। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद सोनू सूद ने भी इस तस्वीर को रीट्वीट करते हुए लिखा “जिंदगी एक सर्कल के समान है।” बाद में सोनू सूद ने इस फोटो को अपने इंस्ट्राग्राम पर भी शेयर किया।

इंटरनेट पर वायरल हुए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद यूजर बोले ‘पद्म विभूषण’ मिले।

आज प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बने सोनू सूद ने भी सफलता पाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। 420 रूपये में उन्होने मुंबई लोकल ट्रेन का पास बनवाया था। जिसे देख कर पता चलता है कि यह पास सन 1988 में बना था और यह बोरवली से चर्चगेट का था। उस समय सोनू सूद कि उम्र मात्र 24 वर्ष थी। फिल्मो में किस्मत आजमाने के लिए घर से मात्रा 5,500 रूपये लेकर सोनू सूद मुंबई की अपनी यात्रा पर निकल पड़े थे। मुंबई शिफ्ट होने के बाद सोनू को पहली दफा सन 1999 में तेलुगू फिल्म ‘कल्लाज़गार’ से ब्रेक मिला था। इसके बाद सोनू सूद ने कुछ और तमिल फिल्मो में काम किया और सन 2001 में पहली दफा सोनू सूद को बॉलीवुड फिल्म ‘शहीद-ए-आजम’ में काम मिला और इसके बाद सोनू ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

 

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Found my train pass that I made when I came to mumbai for the 1st time n started my journey as an actor😁How time flys. #memories #memorylane #mumbaidiaries #mumbailife #mumbai❤ 🙈

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बता दें कि देश में चल रहे लॉकडाउन में सोनू सूद प्रवासी मजदूरों को उनके घर सकुशल पहुंचने का कार्य अपनी टीम के साथ मिल कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने केरल में फंसी 177 मजदूर महिलाओं को फ्लाइट के जरिये उनके घर पहुंचाया। मुसीबत की इस कठिन घड़ी में सोनू सूद के द्वारा दिन रात निस्वार्थ भाव से किया जा रहा यह कार्य वाकई प्रशंसनीय है। सोनू सूद सच में मजदूरों के रियल लाइफ मसीहा बन सामने आये हैं।

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