बीटाडीन गार्गल का उपयोग : Betadine Gargle Uses In Hindi.
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Betadine gargle uses in hindi…बीटाडीन गार्गल का उपयोग मुख्यतः ओरल संक्रमण से जुडी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। बीटाडीन गार्गल एक मेडिकेटेड दवा है इसलिए इसका प्रयोग आप अपने डॉक्टर से राय लिए बिना न करें। इसका मुख्य काम मुँह में हो रहे संक्रमण को दूर करना है। सरल शब्दों में कहें तो यह एक एंटीसेप्टिक गार्गल है जो ओरल संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने का काम करता है। इसका प्रयोग मूसड़ों में होने वाली सूजन, गले में खरास, जैसी समस्याओं में किया जाना फायदेमंद साबित होता है। आइये जानते हैं बीटाडीन गार्गल का उपयोग (Betadine gargle uses in hindi) कौन-कौन सी ओरल हेल्थ समस्याओं में किया जा सकता है।

बीटाडीन गार्गल का उपयोग
courtesy google

बीटाडीन गार्गल का उपयोग (betadine gargle mouthwash uses in hindi) – Betadine gargle uses in hindi.

बीटाडीन गार्गल का मुख्य उपयोग ओरल संक्रमण से जुडी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है।

इसका प्रयोग मूसड़ों के संक्रमण को दूर करने के लिए किया जा सकता है।

मुड़सों में किसी प्रकार का कोई घाव हो गया हो तो बीटाडीन का गार्गल किया जा सकता है।

बीटाडीन गार्गल का उपयोग (Betadine gargle uses in hindi) मुँह के इंफेक्शन को दूर करने के लिए किया जा सकता है।

यदि किसी व्यक्ति को ड्राई माउथ की समस्या का सामना करना पढ़ रहा हो तो उसे डॉक्टर द्वारा बीटाडीन गार्गल करने की सलाह दी जा सकती है।

बीटाडीन गार्गल का प्रयोग गले में होने वाली खरास की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है।

गले की बीमारी फैरिंजाइटिस जिसमे व्यक्ति के गले में छाले हो जाते हैं जिस कारण व्यक्ति के लिए कुछ भी खाना पीना मुश्किल हो जाता है। ऐसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी बीटाडीन गार्गल का प्रयोग किया जाता है।

बीटाडीन गार्गल का उपयोग गले और मुँह में होने वाले छालों की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है।

मुँह में यदि किसी प्रकार का घाव हो गया हो तब उसे ठीक करने के लिए भी बीटाडीन गार्गल का प्रयोग (Betadine gargle uses in hindi) किया जा सकता है।

यदि किसी प्रकार के ओरल इन्फ़ेक्सन के कारण मुँह से तेज दुर्गंध आ रही हो तो उसे दूर करने के लिए भी बीटाडीन गार्गल का प्रयोग किया जा सकता है।

किसी बैक्टीरिया के कारण मुँह में होने वाले इंफेक्शन को दूर करने के लिए भी बीटाडीन का गार्गल किया जा सकता है।

बीटाडीन गार्गल का प्रयोग एक माउथ क्लीनर की तरह किया जा सकता है।

बीटाडीन गार्गल का प्रयोग (betadine gargle mouthwash uses in hindi) मुँह और दांत्तों की सर्जरी के बाद भी किया जाता है।

टांसिलाइटिस होने पर भी बीटाडीन गार्गल का उपयोग किया जा सकता है।

Homemade Mouthwash In Hindi : होममेड माउथवॉश बनाने की विधि।

बीटाडीन गार्गल के नुकसान – Side effects of betadine gargle in hindi

  • मुँह में जलन की समस्या हो सकती है।
  • मुँह में रेडनेस की समस्या हो सकती है।
  • मुहँ में सूजन की समस्या हो सकती है।
  • मुहँ में गर्माहट महसूस हो सकती है।
  • मुहँ में खुजली की समस्या हो सकती हैं।

नोट – बीटाडीन गार्गल से हर किसी में साइड इफेक्ट्स नजर आएं ऐसा संभव नहीं।

बीटाडीन गार्गल के दौरान कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए –

  • 12 साल से कम उम्र के बच्चों को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • बीटाडीन गार्गल को भूलवश भी निगलना नहीं चाहिए।
  • बीटाडीन गार्गल करने से आधा घंटे पहले और आधा घंटे बाद तक कुछ भी खाना पीना नहीं चाहिए।

घर पर माउथवॉश तैयार करने की विधि : How To Make Mouthwash At Home In Hindi.

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