अब आयुर्वेद से होगा कोरोना के हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों का इलाज, देखें नई गाइडलाइन।
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कोरोना के हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों का इलाज अब आयुर्वेदिक तरीके से किया जा सकेगा। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन सिंह ने नया प्रोटोकॉल जारी किया है। जिसमें कोरोना के हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों को अब औपचारिक रूप से आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट देने की मंजूरी दी गयी है। इस नई गाइडलाइन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल कोविड मैनेजमेंट प्रोटोकॉल में आयुष स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को शामिल किया है। इस नई गाइडलाइन में कोरोना वायरस से संक्रमित हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए खान-पान से संबंधित नियम, योगा, आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों का सेवन आदि का तरीका बताया गया है। हालाँकि इससे पहले भी अनौपचारिक तरीके से कोरोना से संक्रमित लोगों को आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों का सेवन करवाया जा रहा था। लेकिन अब इसके ट्रायल के बेहतर परिणाम मिलने के बाद इसे औपचारिक कर दिया गया है।

कोरोना के हल्के या बिना लक्षण
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कोरोना के हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए जारी हुआ नया प्रोटोकाल : AYUSH ministry protocol for mild, asymptomatic Covid cases

क्या कहा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन सिंह ने –

कोरोना के हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए इलाज के लिए आयुर्वेदिक पद्धति को मंजूरी देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन सिंह ने कहा “आयुर्वेद पर है भरोसा! #COVID19 के नियंत्रण के लिए आयुर्वेद और योग पर आधारित National Clinical Management Protocol ज़ारी करते हुए आज मैंने कहा कि Modern System of Medicine का डॉक्टर होने के बावज़ूद आज के दौर में मुझे आयुर्वेद की प्रासंगिकता पर पूरा भरोसा है”।
इसके अलावा उन्होने यह भी कहा कि “#COVID19 के मामूली व लक्षणरहित मामलों के उपचार में गुडुची, अश्वगंधा, आयुष-64 जैसी आसानी से उपलब्ध सामान्य आयुर्वेदिक दवाइयां प्रभावी साबित हुई हैं। मैंने प्रेस से बात करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आयुष की दवाइयों के माध्यम से कोरोना के खिलाफ़ हमारी लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी”।

कोरोना के हल्के या बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए दिशा निर्देश –

हाई रिस्क कैटेगरी के मरीजों के लिए (जो लोग कंटेमेंट जोन में हो या संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए हों) : Prophylactic care (high risk population, primary contacts)

  • (Ashwagandha) अश्वगंधा अर्क या पाउडर (500 मिलीग्राम अर्क या 1-3 ग्राम पाउडर दिन में दो बार गर्म पानी के साथ 15 दिन या 1 महीने तक/ चिकित्सक की सलाह अनुसार)।
  • (Guduchi Ghana vati) गुडूची घन वटी अर्क या पाउडर (500 मिलीग्राम अर्क या 1-3 ग्राम पाउडर दिन में दो बार गर्म पानी के साथ 15 दिन या 1 महीने तक/ चिकित्सक की सलाह अनुसार)।
  • 10 ग्राम च्यवनप्राश दिन में एक बार गर्म पानी या दूध के साथ।

जानिए आयुर्वेद के अनुसार मानसून और कोरोना काल में इम्युनिटी बूस्ट करने के टिप्स।

कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए : Asymptomatic – COVID-19 Positive

  • गुडूची घन वटी अर्क या पाउडर (500 मिलीग्राम अर्क या 1-3 ग्राम पाउडर दिन में दो बार गर्म पानी के साथ 15 दिन या 1 महीने तक/ चिकित्सक की सलाह अनुसार)।
  • गुडूची+पिप्पली पाउडर (375 मिलीग्राम दिन में 2 बार गर्म पानी के साथ 15 दिन या 1 महीने तक/ चिकित्सक की सलाह अनुसार)।
  • (AYUSH 64) आयुष 64 (500 मिलीग्राम अर्क या 1-3 ग्राम पाउडर दिन में दो बार गर्म पानी के साथ 15 दिन या 1 महीने तक/ चिकित्सक की सलाह अनुसार)।

कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए : Mild COVlD-19 Positive

  • (Guduchi+Pippali) गुडूची+पिप्पली पाउडर (375 मिलीग्राम दिन में 2 बार गर्म पानी के साथ 15 दिन या 1 महीने तक/ चिकित्सक की सलाह अनुसार)।
  • आयुष 64 (500 मिलीग्राम अर्क या 1-3 ग्राम पाउडर दिन में दो बार गर्म पानी के साथ 15 दिन या 1 महीने तक/ चिकित्सक की सलाह अनुसार)।

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सामान्य और शारीरिक उपाय – General and Physical measures

  • सोशल डिस्टेंसिंग, श्वसन नियमों का पालन और हाथ की सफाई करें, मास्क पहनें।
  • एक चुटकी हल्दी और नमक के साथ गर्म पानी से गरारे करें। पानी में त्रिफला या मुलेठी (यष्टिमधु) को मिलाकर भी गरारा कर सकते हैं।
  • नाक में अनु तेल या षड्बिंदु तेल, तिल या नारियल तेल अथवा गाय का घी डालें खासकर घर से बाहर जा