ऑटोमेटिक गियर वाली कार खरीदने वाले लोग इन बातों को जरूर जान लें।
TRENDING
  • 11:33 PM » गर्भ में पल रहा बेबी लड़का है या लड़की (Garbh me ladka hone ke lakshan) – Baby boy symptoms in hindi.
  • 11:29 PM » बांसी रोटी खाने के फायदे (Basi roti khane ke fayde) – Basi roti benefits in hindi.
  • 11:27 PM » जिद्दी खांसी दूर करने के घरेलू नुस्खे (Ziddi khansi ka ilaj) – Home remedies for cough in hindi.
  • 10:36 PM » निमोनिया में क्या खाना चाहिए (Nimoniya me kya khana chahiye) – What to eat in pneumonia in hindi.
  • 7:13 PM » बालों को लम्बा करने के तरीके (Balo ko lamba karne ka tarika) – Hair Growth Tips in Hindi.

मौजूदा समय में अपनी पर्सनल फोर व्हीलर वेह्किल रखना एक ट्रेंड सा बन गया है। जहाँ अब से कुछ समय पहले दो पहियाँ वाहनों की धूम थी तो वहीं अब आपको लगभग हर घर के आगे फोर व्हीलर वाहन नजर आ जाएगा। मौजूदा समय की बात करें तो फोर व्हीलर वाहन बनाने वाली कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए कम पैसों में आधुनिक सुविधाओं से भरपूर गाड़ियों को मार्केट में लॉन्च करने लगी है। साथ की कार के लिए इजी EMI से लेकर कार लोन तक उपलब्ध करवाती हैं। मौजूदा समय में आपको मैन्युअल गियरबॉक्स वाली कार से लेकर ऑटोमेटिक गियर वाली कारों की एक अच्छी खासी रेंज देखने को मिल जाती है। ऐसे में कस्टमर के सामने यह चुनना बहुत मुश्किल होता है कि वह मैन्युअल गियरबॉक्स वाली कार के साथ जाए या फिर ऑटोमेटिक गियर वाली कार के साथ। ऐसा देखा गया है कि जिन लोगों को भीड़-भाड़ वाले शहरों के अंदर अधिक ड्राइविंग करनी होती है वे लोग ऑटोमेटिक गियर वाली कार लेना अधिक पसंद करते हैं। इसके अलावा वे लोग जिन्होंने अभी-अभी ड्राइविंग सीखी हो उनके लिए भी ऑटोमेटिक गियर वाली कार एक अच्छा विकल्प बनती है। यदि आप भी कार ऑटोमेटिक गियर वाली कार खरीदने का प्लान बना रहें हैं तो सबसे पहले ये जान लें कि इसे खरीदा एक सही डिसीजन है या नहीं।

ऑटोमेटिक गियर वाली कार
courtesy google

ऑटोमेटिक गियर वाली कार खरीदने वाले इन बातों को जरूर जान लें : Advantage and disadvantage of automatic car

नहीं बदलने पड़ते बार-बार गियर –

शहर के अंदर ड्राइविंग करते समय अत्यधिक ट्रेफिक के कारण आपको अपनी कार के गियर बार-बार बदलने पड़ते हैं। जो कि बहुत परेशान करने वाला काम लगता है। ऐसी जगहों पर ड्राइविंग करते समय एक हाथ का स्टीयरिंग व्हील पर तो एक गियर के ऊपर रहता है। जिन लोगों को दोनों हाथ से स्टीयरिंग व्हील पकड़ने कि आदत होती है उन्हें अत्यधिक ट्रेफिक में बार-बार गियर बदल कर ड्राइव करना झंझट का काम लगता है। ऐसे में ऑटोमेटिक गियर वाली कार आपके लिए बेस्ट ऑप्शन बन सकती है क्योंकि इसमें आपको बार-बार गियर बदलने की जरूरत नहीं होती है। इसलिए इस प्रकार की कार सिटी ड्राइव के लिए बेस्ट विकल्प बनती हैं।

CNG-LPG किट वाली कारों को हादसों से बचाने के लिए इन जरूरी बातों का रखें ध्यान।

नए ड्राइवर के लिए परफेक्ट चॉइस –

जो लोग कार चलाना सिख रहें हो या फिर जिन लोगों में अभी-अभी कार चलाना सीखी हो उनके लिए ऑटोमेटिक गियरबॉक्स वाली कार अच्छा विकप्ल बन सकती है। यहाँ आपको ड्राइविंग के दौरान सिर्फ स्टीयरिंग व्हील, ब्रेक और एक्सलेरेटर पर ध्यान देना होता है। इस प्रकार की कार में आपको गियर बदलने और क्लच पड़ैल से छुटकारा मिल जाता है। इसलिए नए ड्राइवर इस प्रकार की कार को बड़ी आसानी से बेफिक्र होकर चला सकते हैं।

क्या AC चलाने से कार के माइलेज पर असर पड़ता है, जानिए क्या कहना है एक्सर्पट का।

ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बनाती है स्मूथ –

मैन्युअल गियरबॉक्स वाली कार की तुलना में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स वाली कार आपके ड्राइविंग एक्सपीरियंस को स्मूथ बनाती है। खासकर यदि आपको अत्यधिक ट्रेफिक वाली रोड पर कार चलानी होती है तो ऑटोमेटिक गियरबॉक्स से बेहतर चॉइस कोई नहीं हो सकती। इसके अलावा इस कार के साथ आपका लॉन्ग ड्राइव का अनुभव भी सुकून भरा रहता है।

सभी को जानने चाहिए, चलती कार में आग लगने के कारण और उनसे बचने के तरीके।

ओवरटेक करने में होती है परेशानी –

जहाँ एक तरफ यह आपके ड्राइविंग एक्सपीरियंस को स्मूथ बनाती है। वहीँ दूसरी तरफ ओवरटेक करने के लिहाज से आपका अनुभव इस कार के साथ मैन्युअल गियरबॉक्स वाली कार की तुलना में अच्छा नहीं होता। इसका मुख्य कारण यह है कि यहाँ आप अपनी मर्जी के अनुसार गियर चेंज नहीं कर सकते। अचानक ओवरटेक करने में यह कार आपको जरूरी पिकअप नहीं दे पाती है। साथ ही इस कार में आप जरूरत के समय मैन्युअल गियरबॉक्स वाली कारों की तरह गियर चेंज कर स्पीड को बड़ा और घटा नहीं सकते हैं।

भूलकर भी कार से आने वाली इन आवाजों को न करें नजरअंदाज, हो सकती है बड़ी समस्या।

माइलेज पर पड़ता है असर –

माइलेज के लिहाज से देखें तो आटोमेटिक गियर वाली कार में मैन्युअल गियरबॉक्स वाली कार की तुलना में 19-20 का फर्क रहता है। हालंकि यह कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं है लेकिन फुल ऑटोमेटिक कारों में ईधन की अधिक खपत होती है। साथ ही इसमें गियर आपके एक्सलेरेटर करने से इंजन पर पड़ने वाले दबाव के अनुसार बदलता है। कई लोगों की आदत होती है तेज एक्सलेरेटर करने की, ऐसे में सीधा असर आपके इंजन और गियर बॉक्स पर पड़ता है। इस प्रकार की कार में स्मूथ एक्सलेरेटर कर आप ईंधन की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।

ये हैं भारत की वर्ष 2020 की पांच सबसे सुरक्षित कार, जानिए कितनी हैं सुरक्षित।

मेंटेनेंस है मंहगा –

मैन्युअल गियरबॉक्स वाली कार की तुलना में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स वाली कार की मेंटेनेंस में अधिक खर्चा आता है। इनकी सर्विसिंग आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। इसलिए आपको इसके फायदे और नुकसान सभी को ध्यान में रखकर फ़ाइनल निर्णय लेना चाहिए।

सभी को पता होने चाहिए मानसून के मौसम में पानी भरी रोड पर कार ड्राइविंग के ये टिप्स।

अगर आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आयी तो कृपया अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों के साथ शेयर जरूर करें. 

ऐसी महत्पूर्ण जानकारियों के लिए आज ही हमसे जुड़े :- 

Instagram
Facebook
Twitter
Pinterest

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
RELATED ARTICLES
%d bloggers like this: